HFCL Share Price: ₹11,525 करोड़ के ऑर्डर पर शेयर भागा, पर महंगा वैल्युएशन बनी चिंता

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
HFCL Share Price: ₹11,525 करोड़ के ऑर्डर पर शेयर भागा, पर महंगा वैल्युएशन बनी चिंता
Overview

HFCL के शेयर में इन दिनों शानदार तेजी देखने को मिल रही है। कंपनी को **₹11,525 करोड़** के नए ऑर्डर्स मिले हैं, जो मौजूदा ऑर्डर बुक के अलावा हैं। इसके साथ ही डिफेंस सेक्टर में कंपनी के विस्तार की खबरें भी हैं। लेकिन, इन सबके बीच कंपनी का बेहद महंगा वैल्युएशन (P/E Ratio) निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता का सबब बन गया है।

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ऑर्डर की बंपर बारिश, पर वैल्युएशन पर उठे सवाल

HFCL के शेयर की कीमतों में हाल में जो उछाल आया है, उसकी मुख्य वजह कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक है। मार्च-अप्रैल 2026 के दौरान मिले नए ऑर्डर्स के बाद कंपनी की कुल ऑर्डर बुक अब करीब ₹11,525 करोड़ तक पहुंच गई है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के रेवेन्यू से काफी ज्यादा है। डिफेंस सेक्टर में कंपनी के नए कदम और टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग भी इस तेजी में शामिल हैं। पर, शेयर का यह उत्साह इसके वैल्युएशन पर भारी पड़ रहा है, क्योंकि इसे सपोर्ट करने के लिए कंपनी को लगातार दमदार परफॉरमेंस देनी होगी।

मजबूत ऑर्डर्स से रेवेन्यू की बढ़ी उम्मीदें

कंपनी को बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करने का अच्छा अनुभव है। Q3FY26 में ही HFCL की ऑर्डर बुक ₹11,125 करोड़ थी, जो FY25 के रेवेन्यू का लगभग 2.7 गुना थी। इसके बाद मार्च-अप्रैल 2026 में करीब ₹11,525 करोड़ के और ऑर्डर जुड़ने से आने वाले सालों के लिए रेवेन्यू की विजिबिलिटी (Revenue Visibility) काफी बढ़ गई है। ऑर्डर की यह लगातार स्ट्रीम टेलीकॉम इक्विपमेंट मार्केट की अनिश्चितताओं से बचाती है। अप्रैल में ही शेयर में 57% की तेजी देखी गई, जो मार्केट के भरोसे को दर्शाती है। हालांकि, इतने बड़े ऑर्डर्स को समय पर पूरा करना और मुनाफा कमाना एक बड़ी चुनौती होगी।

डिफेंस में HFCL का नया दांव

HFCL डिफेंस सेक्टर में भी कदम रख रही है, जो कंपनी के लिए मीडियम-टर्म ग्रोथ का एक बड़ा जरिया बन सकता है। कंपनी को उम्मीद है कि FY27 तक डिफेंस सेगमेंट से ₹400-500 करोड़ का रेवेन्यू आएगा, और FY28 तक यह ₹1,000 करोड़ को पार कर सकता है। इसके लिए कंपनी इलेक्ट्रॉनिक फ्यूज लॉन्च करने वाली है और Spiral EHL के अधिग्रहण के जरिए एयरोस्ट्रक्चर्स, रडार और थर्मल वेपन सिस्टम्स जैसे क्षेत्रों में भी उतर रही है। भारत का डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, और HFCL इस मौके का फायदा उठाना चाहती है।

टेलीकॉम सेक्टर की ग्रोथ का सहारा

भारतीय टेलीकॉम सेक्टर खुद एक मजबूत ग्रोथ फेज में है। यह सेक्टर 2025 में ₹4.44 लाख करोड़ से बढ़कर 2030 तक ₹6.96 लाख करोड़ का हो सकता है। 5G रोलआउट, बढ़ता डेटा इस्तेमाल और सरकारी पहलों जैसे भारतनेट के कारण ऑप्टिकल फाइबर केबल, राउटर और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग बनी हुई है। FY25 में सेक्टर का रेवेन्यू 10.7% बढ़कर ₹3.72 लाख करोड़ (US$40.24 बिलियन) हो गया था। यह HFCL जैसे प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों के लिए अच्छा माहौल है।

पीयर्स (Peers) के मुकाबले महंगा वैल्युएशन

बाजार की इन सकारात्मक बातों के बावजूद, HFCL का वैल्युएशन एक बड़ा सवाल है। कंपनी का करेंट P/E Ratio 250x से भी ऊपर चला गया है, कुछ रिपोर्ट्स में तो यह 300x पार कर गया है। यह इसके प्रतिस्पर्धियों जैसे Avantel (180x-250x P/E) और Sterlite Technologies (जहां P/E बहुत अस्थिर है) से काफी ज्यादा है। Railtel Corporation और Affle 3i जैसे स्टॉक करीब 45-55x P/E पर ट्रेड कर रहे हैं। हालांकि, फॉरवर्ड P/E करीब 31x बताया जा रहा है, लेकिन करेंट P/E बताता है कि मार्केट बहुत ज्यादा ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है, और अगर कंपनी इस उम्मीद पर खरी नहीं उतरी तो शेयर में बड़ी गिरावट आ सकती है।

रिस्क और बेयर केस सिनेरियो

HFCL के सामने सबसे बड़ा जोखिम इसका हाई वैल्युएशन ही है। 250x से ज्यादा का P/E रेश्यो बहुत जोखिम भरा है। बड़े ऑर्डर अच्छी बात हैं, लेकिन उन्हें पूरा करने में चुनौतियां और प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आ सकता है, खासकर डिफेंस सेगमेंट में। ऑप्टिकल फाइबर केबल और टेलीकॉम इक्विपमेंट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा से प्राइसिंग पावर कम हो सकती है। इसके अलावा, भू-राजनीतिक घटनाओं (जैसे अप्रैल 2026 में अमेरिकी टैरिफ को लेकर अनिश्चितता) से फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) का आउटफ्लो हो सकता है, जिसका असर HFCL जैसे शेयरों पर पड़ सकता है। कंपनी की रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) जैसे प्रॉफिटेबिलिटी मेट्रिक्स करीब 4-5% ही हैं, जो वैल्युएशन की चिंता को और बढ़ाती हैं। अगर कंपनी उम्मीद के मुताबिक कमाई नहीं कर पाई तो शेयर की कीमत में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है, कुछ एनालिस्ट्स ने तो ₹75 तक का बेयर केस टारगेट दिया है।

एनालिस्ट्स की राय और मुख्य कैटेलिस्ट्स

इन चिंताओं के बावजूद, कुछ एनालिस्ट्स अभी भी आशावादी हैं। Geojit ने HFCL के लिए ₹150 का टारगेट प्राइस तय किया है, जो मौजूदा भाव से करीब 40% की तेजी का संकेत देता है। कुछ अन्य एनालिस्ट्स ₹142 से ₹163 का रेंज बता रहे हैं, और बुल केस में ₹220 तक का लक्ष्य है। 30 अप्रैल 2026 को आने वाले Q4 FY26 के नतीजे एक अहम कैटेलिस्ट होंगे। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि इस तिमाही में रेवेन्यू करीब ₹1,050 करोड़ और नेट प्रॉफिट (PAT) ₹42 करोड़ रह सकता है। मैनेजमेंट की FY27 के लिए गाइडेंस इस बात पर अहम होगी कि कंपनी अपनी ग्रोथ कैसे बनाए रखती है और क्या यह हाई वैल्युएशन को सही ठहरा पाती है।

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