HFCL ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के लिए कुल ₹1,800 करोड़ के बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) प्लान को मंजूरी दी है। यह निवेश ऑप्टिकल फाइबर और केबल्स की बढ़ती ग्लोबल डिमांड को पूरा करने के लिए है।
भारी निवेश की तैयारी
HFCL Limited ने अपने फाइबर मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस में अतिरिक्त ₹820 करोड़ लगाने का फैसला किया है, जिसके बाद कुल निवेश की राशि ₹1,800 करोड़ तक पहुंच गई है। कंपनी का लक्ष्य AI-इनेबल्ड नेटवर्क और डेटा सेंटर्स की दुनिया भर में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए ऑप्टिकल फाइबर, ऑप्टिकल फाइबर केबल्स और प्रीफॉर्म (Preform) के प्रोडक्शन को बड़े पैमाने पर बढ़ाना है।
उत्पादन का लक्ष्य
इस विस्तार के बाद, कंपनी की वार्षिक उत्पादन क्षमता 43.10 मिलियन फाइबर किलोमीटर (ऑप्टिकल फाइबर), 62.00 मिलियन फाइबर किलोमीटर (केबल्स) और 600 मीट्रिक टन (प्रीफॉर्म) होने का अनुमान है। इन प्रोजेक्ट्स को चरणों में पूरा किया जाएगा, जिसमें फाइबर और केबल फैसिलिटी जुलाई 2028 तक और प्रीफॉर्म फैसिलिटी अक्टूबर 2028 तक तैयार होने की उम्मीद है।
फंडिंग और चुनौतियां
फंडिंग के लिए कंपनी इंटरनल कैश, प्रमोटर ग्रुप से मिले वारंट्स और बैंकों से कर्ज का सहारा लेगी। हालांकि कंपनी के पास ₹19,000 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक है, लेकिन कर्ज के जरिए फंड जुटाने से भविष्य में ब्याज का बोझ बढ़ सकता है, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी होगी।
निवेशकों के लिए जोखिम
इतने लंबे समय तक चलने वाले प्रोजेक्ट्स में 'एग्जीक्यूशन रिस्क' हमेशा बना रहता है। लागत बढ़ना या काम में देरी होने से मुनाफे (Margins) पर दबाव आ सकता है। अब निवेशकों को कंपनी की तिमाही प्रोग्रेस रिपोर्ट और डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt-to-Equity Ratio) पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है ताकि यह पता चल सके कि कंपनी इस निवेश को कैसे सेल्स में बदलती है।
