Elon Musk ने भारत में Starlink की सर्विस को किफायती रखने का वादा किया है, ताकि वे मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत कर सकें। वहीं दूसरी तरफ, Reliance Jio अपने मेगा $3.8 बिलियन के IPO की तैयारी में जुटा है।
भारत में Musk की आक्रामक रणनीति
SpaceX के फाउंडर Elon Musk ने साफ कर दिया है कि भारत जैसे प्राइस-सेंसिटिव मार्केट में वे Starlink की सेवाओं को बेहद किफायती रखेंगे। उनका मुख्य मकसद प्रीमियम सर्विस देने के बजाय ज्यादा से ज्यादा भारतीय ग्राहकों तक पहुंच बनाना है। यह कदम भारत के टेलीकॉम सेक्टर में Reliance Jio और Bharti Airtel के वर्चस्व के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। Musk का तर्क है कि उनकी सर्विस से बाजार में कॉम्पिटिशन बढ़ेगा, न कि मोनोपॉली।
Reliance Jio का IPO और स्टॉक पर दबाव
बाजार की नजरें अब Reliance Industries के डिजिटल और टेलीकॉम आर्म, Jio Platforms के IPO पर टिकी हैं। यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा IPO हो सकता है, जिसका लक्ष्य $3.8 बिलियन जुटाना है। यह इश्यू 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने की उम्मीद है। हालांकि, IPO से पहले कंपनी के शेयर दबाव में दिख रहे हैं और फिलहाल ₹1,170 के आसपास ट्रेड कर रहे हैं। निवेशक इस बात पर माथापच्ची कर रहे हैं कि क्या IPO से मिलने वाला फंड टेलीकॉम सेक्टर में बढ़ने वाले कॉम्पिटिशन का सामना करने के लिए काफी होगा।
रेगुलेटरी तस्वीर और सरकारी रुख
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया है कि भारत में टेलीकॉम सेक्टर सभी के लिए खुला है और यहां मोनोपॉली जैसी कोई बात नहीं है। फिलहाल, Starlink, Reliance Jio का सैटेलाइट वेंचर और Eutelsat OneWeb एक ही पायदान पर खड़े हैं। तीनों को शुरुआती लाइसेंस तो मिल गए हैं, लेकिन फाइनल सिक्योरिटी क्लीयरेंस और स्पेक्ट्रम आवंटन का इंतजार अभी भी बना हुआ है।
अब निवेशकों के लिए असली परीक्षा यह होगी कि Starlink कितनी जल्दी सरकारी मंजूरी हासिल कर पाता है और Jio का IPO मार्केट का मूड कैसा तय करता है।
