Telecom Sector: COAI की सरकार से बड़ी मांग, Microwave Backhaul फीस में **55%** कटौती की तैयारी

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AuthorNeha Patil|Published at:
Telecom Sector: COAI की सरकार से बड़ी मांग, Microwave Backhaul फीस में **55%** कटौती की तैयारी

Cellular Operators Association of India (COAI) ने सरकार से माइक्रोवेव बैकहॉल स्पेक्ट्रम चार्ज में **55%** की भारी कटौती करने का आग्रह किया है। यह कदम Bharti Airtel, Reliance Jio और Vodafone Idea जैसी कंपनियों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

क्या है यह पूरा मामला?

टेलीकॉम इंडस्ट्री के लिए माइक्रोवेव बैकहॉल चार्जेज एक बड़ा खर्चा है। COAI ने Department of Telecommunications (DoT) से मांग की है कि Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) द्वारा सुझाए गए प्लान को तुरंत लागू किया जाए। इस बदलाव से ऑपरेटरों के खर्च में 55% तक की सीधी राहत मिल सकती है।\n\n### निवेशकों के लिए क्यों जरूरी है?

माइक्रोवेव बैकहॉल मोबाइल नेटवर्क की रीढ़ की हड्डी (Backbone) है, जो सेल टावरों को कोर नेटवर्क से जोड़ती है। खास तौर पर ग्रामीण इलाकों में जहां फाइबर बिछाना महंगा या मुश्किल होता है, वहां 5G विस्तार के लिए कंपनियां इसी तकनीक पर निर्भर हैं। अभी सरकार का 'स्लैब-आधारित' चार्जिंग सिस्टम कंपनियों के मुनाफे पर दबाव डाल रहा है, क्योंकि कुल स्पेक्ट्रम चार्ज का 75% हिस्सा सिर्फ बैकहॉल से आता है।\n\n### भविष्य की राह और चुनौतियां

इंडस्ट्री चाहती है कि इसे बदलकर AGR (Adjusted Gross Revenue) का सिर्फ 0.1% फ्लैट चार्ज कर दिया जाए। इससे कंपनियों को अपने इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च की प्लानिंग करने में आसानी होगी। हालांकि, DoT ने फिलहाल अपने ड्राफ्ट रूल्स में इन रिफॉर्म्स को जगह नहीं दी है, जिससे सेक्टर में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।\n\nअगर सरकार इस मांग को मान लेती है, तो Bharti Airtel, Reliance Jio और Vodafone Idea जैसी कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन में सुधार देखने को मिल सकता है। निवेशकों की नजर अब सरकार के अगले नीतिगत फैसलों पर टिकी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.