TRAI का प्रस्ताव
Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) ने हाल ही में विभिन्न बैंड्स में 11,790 MHz स्पेक्ट्रम की नीलामी का प्रस्ताव दिया है। इसमें बेहतर इनडोर कवरेज के लिए महत्वपूर्ण 600 MHz बैंड भी शामिल है। इस स्पेक्ट्रम का अनुमानित मूल्य लगभग ₹2.1 लाख करोड़ है, जो 2022 की नीलामी की बेस प्राइस से करीब 19% कम है।
उद्योग पर वित्तीय दबाव और ROI की चिंता
COAI के डायरेक्टर जनरल एस.पी. कोच्चर ने जोर देकर कहा कि स्पेक्ट्रम की लागत टेलीकॉम ऑपरेटर्स के लिए सबसे बड़ा कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) है। उनका तर्क है कि 5G सेवाओं से स्पष्ट रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI) के बिना, महंगे स्पेक्ट्रम का अधिग्रहण करना बिजनेस की वायबिलिटी (व्यवहार्यता) के लिए खतरा पैदा कर सकता है। कोच्चर ने बताया कि कई देश विशिष्ट सेवा दायित्वों को पूरा करने की शर्त पर स्पेक्ट्रम कम लागत पर या मुफ्त में भी देते हैं, जिससे भारत को अपने दृष्टिकोण की समीक्षा करने की आवश्यकता हो सकती है।
जहाँ सरकार सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं के लिए एडमिनिस्ट्रेटिव एलोकेशन का उपयोग करती है, वहीं मोबाइल सेवाओं के लिए अभी भी नीलामी की आवश्यकता होती है। COAI सरकार से समर्थन या कम से कम लागत में कमी की मांग कर रहा है, जब तक कि ऑपरेटर अपने महत्वपूर्ण 5G निवेशों से सस्टेनेबल ROI हासिल नहीं कर लेते। ऑपरेटर्स अंततः कितना स्पेक्ट्रम हासिल करेंगे, यह सीधे इन प्राइसिंग निर्णयों पर निर्भर करेगा।
