नतीजों पर एक नजर
Bharti Hexacom के फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे। जहां कंपनी की आय बढ़ी, वहीं मुनाफा थोड़ा कम हुआ। ऑपरेशन से कुल रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 5.4% बढ़कर ₹2,414 करोड़ हो गया। इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह मोबाइल टैरिफ में वृद्धि, सब्सक्राइबर्स का बढ़ना और होम व ऑफिस सर्विसेज सेगमेंट में मजबूत ग्रोथ रही।
ARPU ग्रोथ और सब्सक्राइबर बेस
कंपनी के लिए Average Revenue Per User (ARPU) में बढ़ोतरी एक बड़ा फैक्टर रही। Q4 FY26 में मोबाइल सर्विसेज ARPU बढ़कर ₹252 हो गया, जो पिछले साल ₹242 था। मोबाइल सर्विसेज रेवेन्यू में 3.8% की सालाना बढ़ोतरी हुई। वहीं, स्मार्टफोन डेटा कस्टमर्स की संख्या 1.2 मिलियन बढ़ी, जो अब कुल मोबाइल बेस का 79% हो गए हैं। प्रति कस्टमर डेटा यूसेज भी 30.9% बढ़कर 34.2 GB हो गया।
प्रॉफिट में गिरावट और मार्जिन में सुधार
आय में वृद्धि के बावजूद, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की ₹468.4 करोड़ की तुलना में 4.6% घटकर ₹446.7 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि कंपनी का Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization (EBITDA) 8.5% बढ़कर ₹1,267 करोड़ रहा। इससे EBITDA मार्जिन पिछले साल के 51% से सुधरकर 53% हो गया, जो बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाता है।
सेगमेंट परफॉर्मेंस और कैपिटल एक्सपेंडिचर
होम, ऑफिस और अन्य सर्विसेज सेगमेंट में रेवेन्यू में जबरदस्त 65.3% की बढ़ोतरी देखी गई, जिसमें 395,000 नए कस्टमर जुड़े। इस तिमाही में कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) ₹586 करोड़ रहा, जिसका इस्तेमाल नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विस विस्तार में किया गया।
डिविडेंड का ऐलान
कंपनी के बोर्ड ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹18 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। नतीजों से पहले, बुधवार को भारती हेक्साकॉम के शेयर NSE पर 1.79% चढ़कर ₹1,491 पर बंद हुए थे।
