एनालिस्ट की राय के बावजूद क्यों गिरी Airtel की चाल?
गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को, भारती एयरटेल के शेयर 1.5% की गिरावट के साथ ₹1,755.4 पर बंद हुए। यह गिरावट ऐसे समय में आई जब Kotak Institutional Equities ने टेलीकॉम दिग्गज के स्टॉक पर अपनी रेटिंग को 'ऐड' से बढ़ाकर 'बाय' कर दिया और शेयर के लिए ₹2,250 का टारगेट प्राइस तय किया, जो मौजूदा भाव से 26.3% की उछाल का संकेत देता है।
इसके साथ ही, भारती एयरटेल ने यह भी घोषणा की कि उसके वैश्विक ग्राहकों की संख्या 650 मिलियन के पार हो गई है। हालांकि, एनालिस्ट की उम्मीदों और कंपनी की ऑपरेशनल सफलताओं के बावजूद, निवेशकों का सेंटिमेंट फिलहाल थोड़ा मंदी वाला दिखा, जिसके चलते शेयर में गिरावट दर्ज की गई।
ब्रोकरेज की 'बाय' रेटिंग का असर क्यों नहीं हुआ?
आमतौर पर, ब्रोकरेज फर्म की 'बाय' रेटिंग स्टॉक के लिए एक बड़ा बूस्टर साबित होती है, लेकिन इस बार ऐसा होता नहीं दिखा। Kotak ने अपनी रिपोर्ट में एयरटेल के वायरलेस बिजनेस की मजबूती, मार्केट शेयर में लगातार बढ़ोतरी और एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई है। ब्रोकरेज को होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सर्विसेज और डेटा सेंटर जैसे ग्रोथ एरिया में खर्च बढ़ने की भी उम्मीद है।
Kotak का अनुमान है कि FY2026-2028 के बीच कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) रेवेन्यू का 21-22% तक गिर सकता है, जो पहले 30% हुआ करता था। इससे कंपनी का कर्ज कम होगा और शेयरहोल्डर रिटर्न्स में बढ़ोतरी की संभावना है। फर्म ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल सेक्टर में कैपिटल एलोकेशन को लेकर चिंताओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई बताया है और FY2028 के अनुमानित EV/EBITDA के मुकाबले 8 गुना के मौजूदा वैल्यूएशन को आकर्षक माना है।
एयरटेल की मजबूत पोजीशन और सेक्टर की बढ़त
भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है। ICRA के अनुसार, FY2026 में ऑपरेटिंग इनकम 10-12% बढ़कर ₹3.5-3.7 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। ARPU (एवरेज रेवेन्यू पर यूजर) एक महत्वपूर्ण पैमाना है, और अनुमान है कि प्राइस एडजस्टमेंट और 5G के इस्तेमाल से यह FY2026 के अंत तक ₹220 तक पहुंच सकता है।
भारती एयरटेल का ARPU Q2FY26 में लगभग ₹256 था, जो Reliance Jio के Q3FY25 के ₹203.3 से काफी ज्यादा है। यह एयरटेल की मजबूत मार्केट पोजीशन को दर्शाता है। एयरटेल ने फरवरी 2026 में वायरलेस सब्सक्राइबर एडिशन में भी बाजी मारी, करीब 4.86 मिलियन नए ग्राहक जोड़े। 99.42% के एक्टिव यूजर रेश्यो से ग्राहकों की वफादारी का पता चलता है। इसके अलावा, भारती एयरटेल अपनी डेटा सेंटर यूनिट Nxtra में $1 बिलियन का निवेश कर रही है, जिसका लक्ष्य AI और क्लाउड सर्विसेज को सपोर्ट करने के लिए 25% मार्केट शेयर हासिल करना है।
कर्ज़ का बोझ और बाजार की सतर्कता
अपनी ऑपरेशनल ताकत के बावजूद, भारती एयरटेल पर कर्ज़ का बोझ एक बड़ी चिंता बना हुआ है। कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो, हालांकि कम हो रहा है, फिर भी ऊंचा बना हुआ है। मार्च 2025 तक, इसका नेट डेट-टू-इक्विटी रेश्यो लगभग 59.2% और टोटल डेट-टू-इक्विटी रेश्यो 75.6% था। यह हाई लीवरेज और FY2025 में ऑपरेटिंग रेवेन्यू का 12.58% हिस्सा इंटरेस्ट कॉस्ट के रूप में जाने से स्टॉक में उतार-चढ़ाव आ सकता है।
'बाय' रेटिंग के बावजूद स्टॉक का गिरना बताता है कि निवेशक भविष्य में प्रतिस्पर्धा, 5G पर जारी खर्च या टेलीकॉम सेक्टर की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ को लेकर अनिश्चितता जैसी बातों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। Vodafone Idea जैसी कंपनियों की वित्तीय मुश्किलें भी सेक्टर पर पड़ रहे दबाव और मजबूत बैलेंस शीट के महत्व को उजागर करती हैं।
एनालिस्ट रेटिंग्स और भविष्य की उम्मीदें
ज्यादातर एनालिस्ट भारती एयरटेल को लेकर उत्साहित हैं, 31 में से 27 एनालिस्ट 'बाय' की सलाह दे रहे हैं। उनका औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट ₹2,350 है, जो मौजूदा कीमतों से 28.02% की बढ़ोतरी का संकेत देता है। सेक्टर में प्रीमियम सर्विसेज, 5G और संभावित टैरिफ बदलावों से ARPU में लगातार बढ़ोतरी की उम्मीद है। AI, डेटा सेंटर और हाई-वैल्यू ग्राहकों पर एयरटेल का फोकस, साथ ही उसका मजबूत नेटवर्क, इसे इस ग्रोथ के लिए अच्छी स्थिति में रखता है। हालांकि, स्टॉक का प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी विस्तार योजनाओं को पूरा करते हुए अपने कर्ज को कितनी प्रभावी ढंग से मैनेज करती है।