मित्तल का रोडमैप और अफ्रीका डील: शेयर क्यों रॉकेट बना?
Bharti Airtel के शेयर में पिछले तीन दिनों में करीब 9% की जबरदस्त उछाल देखी गई है। इस तेजी की मुख्य वजहें कंपनी के फाउंडर और चेयरमैन सुनील भारती मित्तल द्वारा पेश किया गया एक दशक लंबा सक्सेशन प्लान (Succession Plan) है। मित्तल ने यह भी संकेत दिया है कि प्रमोटर कंपनी, Bharti Telecom, अपनी हिस्सेदारी मौजूदा 40.47% से बढ़ाकर 51% से ऊपर ले जाना चाहती है।
इतना ही नहीं, कंपनी के बोर्ड ने अपनी सब्सिडियरी Airtel Africa में प्रमोटरों से 16.3% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने की भी मंजूरी दे दी है। इन सब कदमों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है, खासकर तब जब कंपनी शेयरहोल्डर रिटर्न्स (Shareholder Returns) बढ़ाने जैसे बायबैक (Buybacks) और हायर डिविडेंड (Higher Dividends) के संकेत दे रही है। शेयर ₹1,923.15 के स्तर तक पहुंच गया, जिससे कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹11.63 लाख करोड़ हो गया। हालांकि, साल-दर-साल (Year-to-date) यह अभी भी करीब 10% नीचे है।
प्रमोटर स्टेक और अफ्रीका डील की हकीकत
Bharti Telecom के लिए 51% से ज्यादा की प्रमोटर होल्डिंग हासिल करना एक बड़ा टास्क है। इतने बड़े वैल्यूएशन पर 10% और स्टेक खरीदना काफी मुश्किल हो सकता है और इसके लिए बड़े कैपिटल या जटिल फाइनेंसिंग की जरूरत पड़ सकती है।
Airtel Africa में 16.3% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने की डील लगभग ₹28,200 करोड़ की होगी। इसमें कंपनी करीब 147 मिलियन अपने शेयर इश्यू करेगी, जिससे इक्विटी 2.4% तक डाइल्यूट (Dilute) हो सकती है। यह डील FY26 के अनुमानों के आधार पर EPS (Earnings Per Share) बढ़ा सकती है और इसके लिए भारी कैश की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, इसके वैल्यूएशन पर बारीकी से नजर रखनी होगी। Airtel Africa ने हाल ही में दमदार नतीजे पेश किए हैं, FY26 में इसका रेवेन्यू 29.5% बढ़कर $6.42 बिलियन हुआ और Q4 FY26 में EBITDA मार्जिन रिकॉर्ड 50.3% रहा। कंपनी पर 72.1% डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (Debt-to-Equity Ratio) है और इंटरेस्ट कवरेज 2.5x है।
नतीजों का हाल और सेक्टर की रेस
मार्च 2026 को खत्म हुई तिमाही में, Bharti Airtel का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट प्रोविजन्स (Provisions) के कारण 33.5% गिरकर ₹7,325 करोड़ रहा। वहीं, ऑपरेशंस से रेवेन्यू 15.6% बढ़कर ₹55,383.2 करोड़ दर्ज किया गया। ARPU (Average Revenue Per User) सुधरकर ₹257 हो गया, जो पिछले साल ₹245 था, लेकिन पिछली तिमाही के ₹259 से थोड़ा कम है।
भारत का टेलीकॉम सेक्टर 5G और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते तेजी से बढ़ रहा है, जिसके 2025 में $48.61 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। Bharti Airtel अपने बड़े मार्केट शेयर और विविध सेवाओं के साथ अच्छी स्थिति में है। प्रतिद्वंद्वी Vodafone Idea को करीब ₹95,000 करोड़ की जरूरत है और उसका ARPU करीब ₹171 है। वहीं, Reliance Jio प्राइवेट कंपनी है, जिससे सीधी तुलना मुश्किल है।
जोखिम और आगे का रास्ता
प्रमोटर स्टेक बढ़ाने का प्लान महंगा साबित हो सकता है और यह अन्य जरूरी निवेशों से फंड खींच सकता है। Airtel Africa डील में 2.4% की इक्विटी डाइल्यूशन, भले ही EPS बढ़ाए, वैल्यूएशन और लंबे समय के फायदों पर सवाल खड़े करती है। एनालिस्ट्स के प्राइस टारगेट ₹1,727 से ₹2,730 (औसतन ₹2,350) तक हैं, जो अच्छी अपसाइड का संकेत देते हैं लेकिन उम्मीदें अलग-अलग हैं।
प्रोविजन्स के बावजूद प्रॉफिट में गिरावट, बेहद कॉम्पिटिटिव मार्केट में मार्जिन पर दबाव को दिखाती है। कंपनी ने माना है कि ARPU ग्रोथ उम्मीद से थोड़ी कम रही। Jio का बढ़ता मार्केट शेयर, खासकर Fixed Wireless Access (FWA) में, एयरटेल के लिए भविष्य के सब्सक्राइबर्स और रेवेन्यू के लिहाज से एक चुनौती है।
एनालिस्ट्स की राय और शेयरहोल्डर रिटर्न
इन जोखिमों के बावजूद, एनालिस्ट्स Bharti Airtel को लेकर पॉजिटिव हैं। एवरेज 12-महीने के प्राइस टारगेट 29-33% के अपसाइड का सुझाव देते हैं। ब्रोकरेज फर्म्स मजबूत कोर ऑपरेशंस, सब्सक्राइबर ग्रोथ और ₹260 से ऊपर ARPU की संभावनाओं को तेजी का कारण बता रहे हैं। कंपनी का डिविडेंड (FY26 के लिए ₹24/शेयर प्रस्तावित) और संभावित शेयर बायबैक भी निवेशकों का विश्वास बढ़ा सकते हैं। मैनेजमेंट का डेटा सेंटर्स, फाइनेंशियल सर्विसेज और फाइबर नेटवर्क्स पर फोकस, मजबूत फ्री कैश फ्लो के साथ, लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की उम्मीदों को बल देता है। प्रमोटर स्टेक को सफलतापूर्वक बढ़ाना और Airtel Africa का इंटीग्रेशन, इन उम्मीदों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण होगा।