सैटलाइट ब्रॉडबैंड मार्केट को लेकर चल रहे विवादों पर Bharti Airtel के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने तमाम आरोपों को गलत बताते हुए साफ किया कि सभी कंपनियों के लिए सरकारी नियम एक समान हैं। इस स्पष्टीकरण और कंपनी के नए पोस्टपेड प्लान्स के ऐलान के बाद शेयर में **2.4%** की तेजी देखी गई।
भारत के उभरते सैटलाइट ब्रॉडबैंड सेक्टर में आज उस वक्त हलचल मच गई, जब सुनील भारती मित्तल ने बाजार में निष्पक्षता (Fairness) को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया। उन्होंने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि घरेलू कंपनियां अपनी पहुंच का फायदा उठाकर Starlink जैसे ग्लोबल खिलाड़ियों को ब्लॉक कर रही हैं। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT) ने भी इन दावों को गलत बताते हुए स्पष्ट किया है कि Eutelsat OneWeb, Starlink और Jio Satcom समेत सभी बड़ी कंपनियां सिक्योरिटी क्लीयरेंस के एक ही चरण में हैं।
मार्केट का मूड और नए प्लान्स
इस स्पष्टीकरण के बाद 8 अक्टूबर, 2026 के ट्रेडिंग सेशन में Bharti Airtel के स्टॉक में निवेशकों का भरोसा लौटा और शेयर 2.4% ऊपर चढ़ गया। इस तेजी के पीछे सिर्फ रेगुलेटरी अनिश्चितता का खत्म होना ही नहीं, बल्कि कंपनी द्वारा नए पोस्टपेड प्लान्स की घोषणा भी है। कंपनी अब अपने ग्राहकों को सालाना एक फ्री इंटरनेशनल रोमिंग ट्रिप की सुविधा देगी, जो प्रीमियम ग्राहकों को जोड़ने की एक बड़ी रणनीति है।
फाइनेंशियल सेहत और रेटिंग
Bharti Airtel ने प्रतिस्पर्धी माहौल के बीच अपनी फाइनेंशियल स्थिति को मजबूत रखा है। जून 2026 में S&P Global Ratings ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग को बढ़ाकर 'BBB+' कर दिया था, जो इसके बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है। हालांकि, निवेशकों को कंपनी के कर्ज (Leverage) और अफ्रीकी बाजारों में करेंसी फ्लक्चुएशन पर नजर रखनी होगी।
आगे का रास्ता
अब निवेशकों की नजरें DoT की सिक्योरिटी रिव्यू प्रक्रिया के नतीजे पर टिकी हैं। सरकार ने साफ किया है कि लाइसेंस मिलने के बावजूद सैटलाइट सर्विस कमर्शियल रूप से शुरू करने के लिए डेटा सिक्योरिटी प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य है। कंपनी का आने वाला समय इस बात पर निर्भर करेगा कि वह कैसे अपने कर्ज का प्रबंधन करती है और नए प्लान्स से रेवेन्यू में कितनी बढ़ोतरी करती है।
