नतीजों पर एक नज़र: रेवेन्यू बढ़ा, मुनाफे पर दबाव
Bharti Airtel के तिमाही नतीजों के मुताबिक, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 15.7% की शानदार सालाना ग्रोथ के साथ ₹55,383 करोड़ पर पहुंच गया। यह ग्रोथ भारत और अफ्रीका दोनों ऑपरेशन्स की मजबूत परफॉरमेंस का नतीजा है। हालांकि, रिपोर्ट किए गए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 33.5% की साल-दर-साल (YoY) गिरावट आई, जो ₹7,325 करोड़ रहा। यह गिरावट मुख्य रूप से ₹3,161 करोड़ के एक बार के रेगुलेटरी और सरकारी लेवी चार्ज के कारण हुई। इन खास खर्चों को हटा दें तो कंपनी का असल या अंडरलाइंग प्रॉफिट लगभग ₹10,486 करोड़ रहा।
Africa में बड़ी डील और शेयर पर असर
नतीजों के बीच, कंपनी ने ₹28,200 करोड़ की एक बड़ी शेयर-स्वैप डील का भी ऐलान किया है। इसके तहत, Bharti Airtel अपनी Airtel Africa plc में हिस्सेदारी 16.31% और बढ़ाएगी। एनालिस्ट्स का मानना है कि यह डील मुनाफे में हल्की बढ़ोतरी (Earnings Accretion) कर सकती है और कंपनी की ग्लोबल पोजीशन को मजबूत करेगी। इन नतीजों के बाद स्टॉक में लगभग 3.5% की तेजी भी देखी गई।
ARPU में मामूली गिरावट, रेगुलेटरी दबाव
भारत में मोबाइल सर्विसेज के लिए एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) ₹257 पर पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले 4.9% ज्यादा है। यह दर्शाता है कि कंपनी प्रीमियम सर्विसेज और कस्टमर अपग्रेड्स में सफल रही है। हालांकि, यह पिछली तिमाही (QoQ) के मुकाबले 0.8% कम है, जो मार्च 2021 के बाद पहली तिमाही गिरावट है। इस गिरावट का कारण सीज़न और इंटरनेशनल रोमिंग रेवेन्यू में कमी बताई गई है। Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) द्वारा वॉइस टैरिफ को लेकर संभावित बदलाव ARPU ग्रोथ के लिए एक अहम फैक्टर बने रहेंगे। Industry bodies जैसे COAI भी रेगुलेटरी लेवी कम करने की मांग कर रही हैं।
कॉम्पिटिशन और ग्रोथ की राह
सेक्टर में Reliance Jio ने भी मजबूत नतीजे पेश किए हैं, जहाँ उसका PAT 13% बढ़कर ₹7,935 करोड़ रहा। वहीं, Vodafone Idea अभी भी मुश्किलों का सामना कर रही है। Bharti Airtel अपनी 5G, फाइबर और डेटा सेंटर्स में लगातार कैपिटल एक्सपेंडिचर (Q4 में ₹16,066 करोड़) कर रही है, जो भविष्य की ग्रोथ के लिए अहम है।
ब्रोकरेज की राय और रिस्क फैक्टर
अधिकांश ब्रोकरेज फर्मों का नज़रिया Bharti Airtel पर पॉजिटिव बना हुआ है। Jefferies ने टारगेट प्राइस ₹2,350 तक बढ़ा दिया है, वहीं Morgan Stanley और JPMorgan ने भी 'ओवरवेट' रेटिंग के साथ ₹2,450 और ₹2,300 के टारगेट दिए हैं। हालांकि, 31.4x से 35.24x TTM के P/E रेश्यो के साथ वैल्यूएशन थोड़ा महंगा लग रहा है। लगातार एक बार के खर्चों और भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर का फ्री कैश फ्लो पर दबाव रह सकता है। TRAI की संभावित रेगुलेटरी बदलाव और ARPU में आई मामूली गिरावट भविष्य में प्रॉफिटेबिलिटी के लिए कुछ रिस्क पैदा कर सकते हैं।
