नतीजों की गहराई से पड़ताल
Bharti Airtel के सामने Q4 FY26 में शानदार नतीजों के बावजूद, ARPU (Average Revenue Per User) में आई मामूली गिरावट एक अहम सवाल खड़ा करती है। जहां एक ओर कंपनी का नेट प्रॉफिट 10.5% बढ़कर ₹7,325 करोड़ और रेवेन्यू 2.6% बढ़कर ₹55,383 करोड़ रहा, वहीं ARPU का ₹259 से ₹257 पर आना, प्रतिस्पर्धा के बढ़ते दबाव को दिखाता है। हालांकि, साल-दर-साल (YoY) आधार पर 5% की वृद्धि ₹245 से ₹257 तक हुई है, जो दर्शाता है कि कंपनी लंबी अवधि में वैल्यू-बेस्ड सब्सक्रिप्शन की ओर बढ़ रही है।
कॉम्पिटिशन और मार्जिन की चाल
इस तिमाही में Reliance Jio ने भी ₹7,317 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो भारती एयरटेल को कड़ी टक्कर दे रहा है। Jio का ARPU ₹214 है, जो भारती एयरटेल से कम है, लेकिन इस अंतर का प्रबंधन करना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा। इस माहौल में भी, भारती एयरटेल ने अपने EBITDA मार्जिन को 56.9% पर बनाए रखा, जो परिचालन दक्षता (operational efficiency) और लागत नियंत्रण का एक मजबूत संकेत है।
भविष्य की राह: 5G, निवेश और टारगेट
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय टेलीकॉम सेक्टर FY26 में 10-12% की ग्रोथ दिखा सकता है। 5G नेटवर्क के विस्तार में हो रहे भारी निवेश (उद्योग के लिए अनुमानित ₹3 लाख करोड़ अगले 4-5 सालों में) को भुनाने के लिए ARPU वृद्धि पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा। एनालिस्ट्स ने भारती एयरटेल के शेयर के लिए 12 महीने का टारगेट ₹1,800 से ₹2,100 और लॉन्ग-टर्म के लिए ₹2,300–₹2,800 का अनुमान लगाया है।
शेयरधारकों को पुरस्कृत करते हुए, बोर्ड ने ₹24 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की भी सिफारिश की है।
