क्यों गिरी मुनाफे की रफ्तार?
Bharti Airtel ने दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें नेट प्रॉफिट में भारी गिरावट देखी गई है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹14,781.2 करोड़ का मुनाफा कमाया था, जो इस बार घटकर ₹6,630.5 करोड़ रह गया। इस गिरावट की मुख्य वजहें कंपनी के बढ़ते खर्चे रहे। नेटवर्क ऑपरेटिंग कॉस्ट (Network Operating Costs), स्टैच्युटरी फीस (Statutory Fees) और कर्मचारी खर्चों (Employee Expenses) में बड़ा इजाफा हुआ है।
केपेक्स (Capex) और लागत का बोझ
टेलीकॉम दिग्गज ने नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर और विस्तार में भारी निवेश किया है। इस तिमाही में कंपनी का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) यानी केपेक्स 28% बढ़कर ₹11,787 करोड़ पर पहुंच गया। इसके अलावा, लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम चार्जेज में भी लगभग 7% की बढ़ोतरी हुई, जो ₹3,846 करोड़ तक पहुंच गया। कर्मचारी खर्चे भी 21% बढ़कर ₹1,958 करोड़ हो गए। इन बढ़ती लागतों ने कंपनी के मार्जिन (Margins) पर सीधा असर डाला है, जिसके चलते बॉटम-लाइन (Bottom-line) पर दबाव देखा गया।
सब्सक्राइबर बेस और एआरपीयू (ARPU) में मजबूती
इन चुनौतियों के बावजूद, Bharti Airtel ने अपने सब्सक्राइबर बेस (Customer Base) को बढ़ाने में कामयाबी हासिल की है। कंपनी के कुल ग्राहक 11.8% बढ़कर 57.6 करोड़ हो गए हैं। भारत में, कंपनी के रेवेन्यू में 13.2% की वृद्धि दर्ज की गई। साथ ही, एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) में 5.7% का इजाफा देखने को मिला, जो अब ₹259 हो गया है। अफ्रीका ऑपरेशंस में भी लगातार ग्रोथ दर्ज की गई है।
सेक्टर में मजबूत स्थिति
जनवरी 2026 तक, भारती एयरटेल का मार्केट कैप (Market Capitalization) लगभग ₹12.34 लाख करोड़ था और शेयर की कीमत करीब ₹2,025 के आसपास ट्रेड कर रहा था। इस दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम (Trading Volume) भी काफी ज्यादा देखा गया। एस&पी ग्लोबल रेटिंग्स (S&P Global Ratings) ने नवंबर 2025 में भारती एयरटेल की क्रेडिट रेटिंग को 'BBB' तक अपग्रेड किया था, जो कंपनी की मजबूत अर्निंग ग्रोथ और कर्ज घटाने की क्षमता को दर्शाता है।
