Bharti Airtel: 5G में भारी निवेश के बाद भी कंपनी को आ रही दिक्कतें, ₹1.45 लाख करोड़ खर्च के बाद भी कमाई पर सवाल

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Bharti Airtel: 5G में भारी निवेश के बाद भी कंपनी को आ रही दिक्कतें, ₹1.45 लाख करोड़ खर्च के बाद भी कमाई पर सवाल

Bharti Airtel की 5G सर्विस लॉन्च हुए चार साल हो गए हैं, लेकिन कंपनी अभी भी ग्राहकों से इसके लिए प्रीमियम चार्ज करने में संघर्ष कर रही है। ग्राहकों को 4G और 5G में ज्यादा अंतर नहीं दिख रहा है। कंपनी ने 2023 से अब तक कैपिटल स्पेंडिंग (Capital Spending) पर **₹1.45 ट्रिलियन** से ज्यादा खर्च किए हैं, और अब फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) और टैरिफ सुधारों से कमाई बढ़ाने की उम्मीद कर रही है।

5G के बड़े निवेश पर भारी पड़ रहा है कम कमाई का दबाव

Bharti Airtel लिमिटेड अपनी 5G टेक्नोलॉजी रोलआउट के एक मुश्किल दौर से गुजर रही है। FY26 की अपनी लेटेस्ट एनुअल रिपोर्ट (Annual Report) में कंपनी ने इस बात पर प्रकाश डाला है कि स्पेक्ट्रम और इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश के बावजूद, ग्राहक अभी भी 4G प्लान की तुलना में 5G सेवाओं के लिए अतिरिक्त भुगतान करने का कोई खास कारण नहीं देख रहे हैं। इस गैप के चलते कंपनी के लिए अपने महंगे नेटवर्क एक्सपेंशन (Network Expansion) की लागत वसूलना धीमा हो गया है।

कितना किया है निवेश और क्या है रणनीति?

वित्तीय वर्ष 2023 से 2026 के बीच, Bharti Airtel ने भारत भर में अपने 5G नेटवर्क को सपोर्ट करने के लिए कैपिटल प्रोजेक्ट्स (Capital Projects) में लगभग ₹1.45 ट्रिलियन का निवेश किया है। यह 2022 के स्पेक्ट्रम ऑक्शन (Spectrum Auction) में कंपनी की ₹43,084 करोड़ की प्रतिबद्धता के बाद आया था। यह भारी निवेश अब निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण फोकस पॉइंट है, क्योंकि कंपनी अपने रिटर्न ऑन कैपिटल (Return on Capital) को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। ग्लोबल सप्लाई चेन की दिक्कतें और बढ़ती लागतें इस वित्तीय बोझ को और बढ़ा रही हैं, जिससे कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margin) पर दबाव बना रह सकता है, अगर हाई स्पेंडिंग से एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) में बढ़ोतरी नहीं हुई।

कमाई बढ़ाने के लिए नई राहें

इन चुनौतियों से निपटने के लिए, Airtel अपनी रणनीति को नॉन-मोबाइल रेवेन्यू स्ट्रीम (Non-mobile revenue streams) और सर्विस इम्प्रूवमेंट्स (Service improvements) की ओर मोड़ रही है। कंपनी फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) को होम ब्रॉडबैंड (Home Broadband) के लिए एक प्रमुख ग्रोथ एरिया के रूप में प्राथमिकता दे रही है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां फाइबर कनेक्टिविटी सीमित है। इसके अलावा, Airtel अपने पोस्टपेड सब्सक्राइबर बेस (Postpaid subscriber base) को बढ़ाने का लक्ष्य भी रख रही है, जो 31 मार्च तक 29 मिलियन था। अधिक ग्राहकों को पोस्टपेड प्लान में माइग्रेट करके और फीचर फोन से स्मार्टफोन अपग्रेड को बढ़ावा देकर, कंपनी एक अधिक स्थिर रेवेन्यू फ्लो बनाने की उम्मीद करती है।

इंडस्ट्री का हाल और आगे क्या देखना होगा?

Bharti Airtel के वर्तमान में 188 मिलियन 5G यूजर्स हैं, जो प्रतिद्वंद्वी Reliance Jio के 268 मिलियन सब्सक्राइबर्स से पीछे हैं। JM Financial के इंडस्ट्री एनालिस्ट्स (Industry Analysts) ने हालिया रिपोर्ट में कहा है कि पूरे टेलीकॉम सेक्टर पर 'टैरिफ रिपेयर' यानी कीमतों में बढ़ोतरी का दबाव है, ताकि 5G में हुए बड़े निवेशों को सही ठहराया जा सके। इन एनालिस्ट्स का अनुमान है कि वित्तीय सेहत को बेहतर बनाने के लिए अगले कुछ महीनों में 12-15% टैरिफ हाइक (Tariff hike) की जरूरत पड़ सकती है। निवेशकों के लिए, मुख्य मॉनिटरेबल्स (Monitorables) 'फास्ट लेन' (Fast Lane) सर्विस जैसी 5G मोनेटाइजेशन (Monetization) की कोशिशों की सफलता, एंटरप्राइज 5G एडॉप्शन (Enterprise 5G adoption) की गति और यह रहेगा कि क्या भविष्य में टैरिफ हाइक सब्सक्राइबर मंथन (Subscriber churn) को बढ़ावा दिए बिना लाभप्रदता को सफलतापूर्वक बढ़ा सकते हैं।

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