टेलीकॉम दिग्गज Bharti Airtel ने अपनी अफ्रीकी मोबाइल मनी यूनिट Airtel Money के IPO को लेकर बड़ी घोषणा की है। कंपनी 2026 के दूसरे हाफ में इसे लिस्ट करने की योजना बना रही है, जिससे इस बिजनेस की वैल्यू अनलॉक होने की उम्मीद है।
$10 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है वैल्यू
Bharti Airtel अपनी अफ्रीकी मोबाइल मनी सेवा, Airtel Money, को 2026 के आखिर में स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट करने की तैयारी कर रही है। इस IPO के जरिए कंपनी करीब $1.5 अरब से $2 अरब डॉलर जुटाने का लक्ष्य रखती है। कंपनी को उम्मीद है कि इस फिनटेक यूनिट का वैल्यूएशन लगभग $10 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। यह 2021 के मुकाबले एक बड़ी छलांग होगी, जो अफ्रीकी बाजारों में डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज के तेजी से बढ़ते विस्तार को दर्शाता है।
अफ्रीकी बिजनेस का शानदार प्रदर्शन
Airtel Money का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में, इस बिजनेस ने $1.4 अरब डॉलर का रेवेन्यू और $689 मिलियन डॉलर का ऑपरेटिंग प्रॉफिट दर्ज किया। नाइजीरिया जैसे प्रमुख बाजारों में मोबाइल मनी के इस्तेमाल में लगातार वृद्धि देखी जा रही है।
भारत में ARPU बढ़ाने पर फोकस
वहीं, भारत में कंपनी अपने औसत रेवेन्यू प्रति यूजर (ARPU) को बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसके लिए Bharti Airtel ग्राहकों को प्रीमियम मोबाइल प्लान्स और 5G सर्विसेज की ओर माइग्रेट करने की रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी का लक्ष्य बंडल सर्विसेज और हाई-वैल्यू पोस्टपेड ग्राहकों पर फोकस करके अपनी ओवरऑल प्रॉफिटेबिलिटी को बेहतर बनाना है।
कर्ज घटाने में मिलेगी मदद
5G इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी कैपिटल स्पेंडिंग के दौर से गुजरने के बाद, कंपनी अब ऐसे फेज में प्रवेश कर रही है जहां से वह ज्यादा कैश जेनरेट करने की उम्मीद कर रही है। यह कंपनी की बैलेंस शीट के लिए काफी अहम है, क्योंकि इससे कर्ज घटाने के लिए संसाधन उपलब्ध होंगे। एनालिस्ट्स का मानना है कि भारी शुरुआती निवेश की जरूरतें कम होने के साथ, शेयरहोल्डर्स का फोकस अब इस बेहतर कैश फ्लो के मैनेजमेंट पर शिफ्ट हो रहा है।
सेक्टर की चुनौतियां और वैल्यूएशन
भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में 5G रोलआउट और डेटा कैपेसिटी को सपोर्ट करने के लिए लगातार हाई कैपिटल स्पेंडिंग का दबाव बना हुआ है। रिलायंस जियो जैसे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में, Bharti Airtel को अपने सब्सक्राइबर बेस को बनाए रखने और प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण का प्रबंधन करने की क्षमता के आधार पर आंका जाता है। हालांकि कुछ मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि स्टॉक का वैल्यूएशन अभी भी इसके मजबूत कैश फ्लो जनरेशन को पूरी तरह से नहीं दर्शाता है, लेकिन अफ्रीकी मोबाइल मनी IPO का अंतिम वैल्यूएशन और भारत में टैरिफ में बदलाव का समय उस क्षेत्र के बाजार की स्थितियों और रेगुलेटरी अप्रूवल्स पर निर्भर करेगा।
