मिले-जुले नतीजे: ग्रोथ के बीच ARPU पर चुनौती
कंपनी के तिमाही नतीजों में एक मिला-जुला चित्र सामने आया है। एक ओर जहां India और Africa में कंपनी के मुख्य कारोबार ने शानदार प्रदर्शन किया है, वहीं दूसरी ओर कुछ पारंपरिक क्षेत्रों में चुनौतियां बनी हुई हैं।
India मोबाइल और होम सर्विसेज से रेवेन्यू में उछाल
Q4 FY26 में, Bharti Airtel का रेवेन्यू (Revenue) पिछले साल की तुलना में 15.7% बढ़कर करीब ₹55,383 करोड़ पर पहुंच गया। India मोबाइल सेगमेंट में 8.3% की ग्रोथ देखी गई, जो यूजर्स की बढ़ती संख्या और स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल का नतीजा है। Home Services (ब्रॉडबैंड) में तो कमाल ही हो गया, जहां रेवेन्यू और EBITDA में क्रमशः 37.3% और 38.2% की भारी बढ़ोतरी हुई। Airtel Business ने भी लगातार ग्रोथ दिखाई। हालांकि, Digital TV बिजनेस में रेवेन्यू 2.3% और EBITDA 14.3% गिर गया, जो पारंपरिक टीवी से स्ट्रीमिंग की ओर बढ़ते रुझान को दर्शाता है। कंसोलिडेटेड EBITDA 16.6% बढ़कर ₹314.9 अरब रहा, लेकिन मार्जिन में थोड़ी कमी आई।
ARPU में आई गिरावट, एनालिस्ट्स ने बदला टारगेट प्राइस
Average Revenue Per User (ARPU) साल-दर-साल 5.0% बढ़कर ₹257 हो गया, लेकिन यह पिछली तिमाही (Q3 FY26) के ₹259 से थोड़ा कम है। यह पिछले पांच सालों में ARPU में पहली तिमाही-दर-तिमाही गिरावट है, जो यह संकेत दे सकती है कि बिना टैरिफ बढ़ाए या प्रीमियम सेवाएं दिए बिना यूजर रेवेन्यू बढ़ाना एक चुनौती है। कंपनी मैनेजमेंट प्रीमियम सेवाओं और पोस्टपेड यूजर्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इन सब के बीच, ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने 'Buy' रेटिंग को बनाए रखा है, लेकिन टारगेट प्राइस को ₹2,266 से घटाकर ₹2,216 कर दिया है।
Africa ऑपरेशंस बने ग्रोथ का अहम इंजन
Bharti Airtel Africa कंपनी के लिए एक बड़ा ग्रोथ इंजन साबित हो रहा है। इस सेगमेंट में रेवेन्यू 29.5% बढ़ा है और EBITDA मार्जिन 49.3% और 50.3% के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। डेटा सर्विसेज (जो ग्रुप रेवेन्यू का 39.4% हैं) में 40.3% की ग्रोथ और मोबाइल मनी रेवेन्यू में 36.3% की बढ़ोतरी ने इसे और मजबूत बनाया है। अफ्रीका में अभी भी स्मार्टफोन की पैठ 50% से कम है, और डेटा व मोबाइल मनी में ग्रोथ की काफी गुंजाइश है, जो इसे India की तरह ही भविष्य का ग्रोथ इंजन बना सकता है।
चुनौतियां: Digital TV का गिरता कारोबार और ARPU की चिंता
Digital TV सेगमेंट में लगातार गिरावट एक चिंता का विषय है और इस पर रणनीतिक समीक्षा की जरूरत है। ARPU में आई मामूली गिरावट ने ग्रोथ की रफ्तार पर सवाल खड़े किए हैं, खासकर जब प्रतिस्पर्धी Vodafone Idea भी नेटवर्क में निवेश कर रहा है। कंपनी ने Q4 FY26 में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नेटवर्क विस्तार पर ₹16,066 करोड़ का भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) किया है, जो ग्रोथ के लिए जरूरी है लेकिन खर्चों को बढ़ाता है। कंपनी मैनेजमेंट का फोकस प्रीमियम सेवाओं, पोस्टपेड यूजर्स बढ़ाने और 5G नेटवर्क के विस्तार पर है, जिसे लेकर एनालिस्ट्स (जैसे Prabhudas Lilladher) आम तौर पर उत्साहित हैं। Rising data usage, 5G rollout, और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सरकारी समर्थन जैसे कारकों से टेलीकॉम सेक्टर में पॉजिटिव आउटलुक बना हुआ है।