भारती का BT में बड़ा निवेश, यूके सरकार की मंजूरी का इंतज़ार
Bharti Enterprises ब्रिटिश टेलीकॉम (BT) में अपनी हिस्सेदारी को 30% के करीब लाने की योजना बना रहा है। इस बड़े कदम के लिए कंपनी को यूके सरकार की नेशनल सिक्योरिटी एंड इन्वेस्टमेंट एक्ट (NSIA) के तहत मंजूरी लेनी होगी। कंपनी का मकसद BT में अपना आर्थिक हित बढ़ाना है, लेकिन वह टेकओवर (takeover) की कानूनी बाध्यताओं से बचना चाहती है। वर्तमान में, भारती के पास BT के 24.95% शेयर हैं, जो उसने धीरे-धीरे खरीदे हैं। कंपनी ने पहले कहा था कि 'फिलहाल हिस्सेदारी बढ़ाने की कोई योजना नहीं है'।
NSIA के तहत रेगुलेटरी अड़चनें
यूके के नेशनल सिक्योरिटी एंड इन्वेस्टमेंट एक्ट (NSIA) के अनुसार, कुछ खास कंपनियों में 25% से ज़्यादा शेयरधारिता या वोटिंग अधिकार होने पर सरकारी जांच अनिवार्य होती है। पिछले साल, भारती द्वारा Altice UK से 24.5% हिस्सेदारी खरीदने पर भी NSIA की समीक्षा के बाद सरकार ने मंजूरी दी थी। अब अगर हिस्सेदारी बढ़ाई जाती है, तो निवेश को फिर से इसी जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। NSIA सरकार को ऐसे सौदों का आकलन करने और राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले असर के आधार पर हस्तक्षेप करने का अधिकार देता है, हालांकि ऐसे मामले दुर्लभ होते हैं।
BT का वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य
भारती के शुरुआती निवेश के बाद से BT के शेयर करीब 55% तक बढ़े हैं। 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में, BT Group का रेवेन्यू £19,654 मिलियन रहा, जो पिछले साल के £20,358 मिलियन से थोड़ा कम है। हालांकि, नेट इनकम £1,054 मिलियन से बढ़कर £1,077 मिलियन हो गई। BT अपनी रणनीतिक बदलाव की प्रक्रिया को FY2030 तक जारी रख रहा है और इसका लक्ष्य £3.7 बिलियन की लागत बचत करना है।
टेलीकॉम सेक्टर के समीकरण
Bharti की हिस्सेदारी बढ़ाने की यह योजना यूके के बदलते टेलीकॉम बाजार के बीच आई है। इस सेक्टर में विलय और अधिग्रहण की गतिविधियां तेज़ हैं, जिसमें Vodafone UK और Three UK का प्रस्तावित विलय भी शामिल है। BT को ब्रॉडबैंड सेवाओं में Virgin Media O2 और Sky से कड़ी टक्कर मिल रही है, जबकि उसके मोबाइल बिज़नेस EE को अन्य प्रमुख कंपनियों से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। यूके के टेलीकॉम उद्योग में 2025 में 18 और 2024 में 32 अधिग्रहण हुए, जो बाजार में कंसॉलिडेशन (consolidation) का संकेत देते हैं। Bharti Enterprises, एक भारतीय समूह है, जिसकी दूरसंचार, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वित्तीय सेवाओं में गहरी रुचि है और यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय है।
संभावित चुनौतियां और जोखिम
BT के शेयरों के अच्छे प्रदर्शन के बावजूद, भारती द्वारा बड़ी हिस्सेदारी लेने की कोशिश रेगुलेटरी अनिश्चितता और बाजार की धारणा से जुड़े मुद्दे खड़ी कर सकती है। बाहरी कारक या आंतरिक रणनीतिक समीक्षाएं भारती को अपनी वर्तमान स्थिति बदलने पर मजबूर कर सकती हैं। वर्तमान स्तर से ज़्यादा निवेश NSIA की कठोर समीक्षा प्रक्रिया से गुज़रेगा। इसके अलावा, BT को अपने मुख्य बाजारों में लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें ब्रॉडबैंड में कस्टमर चर्न (customer churn) और बड़े, कंसॉलिडेटेड प्रतिस्पर्धियों से तीव्र प्रतिद्वंद्विता शामिल है। मुनाफे में वृद्धि के बावजूद, रेवेन्यू में गिरावट एक परिपक्व बाजार के दबावों को दर्शाती है। NSIA द्वारा विदेशी निवेश को रोकने या शर्त लगाने की क्षमता, हालांकि दुर्लभ है, यह महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए रेगुलेटरी माहौल की याद दिलाती है।
