Bharti Airtel Share Price: चिंता की खबर! बढ़ते खर्चे और CAPEX ने डुबोया मुनाफा, जानें क्या है वजह

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Bharti Airtel Share Price: चिंता की खबर! बढ़ते खर्चे और CAPEX ने डुबोया मुनाफा, जानें क्या है वजह
Overview

**Bharti Airtel** के तिमाही नतीजों (Q3 FY26) ने निवेशकों को झटका दिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले **55%** गिरकर **₹6,630.5 करोड़** पर आ गया है। इसके पीछे मुख्य वजह कंपनी के बढ़ते नेटवर्क ऑपरेटिंग खर्चे, सरकारी फीस और कर्मचारी खर्चों में हुई बढ़ोतरी है। हालांकि, कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू **19.6%** बढ़कर **₹53,981.6 करोड़** हो गया और ARPU भी **₹259** तक पहुंच गया। लेकिन, कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) में **28%** की भारी बढ़ोतरी को देखकर यह साफ है कि कंपनी अभी भी भारी निवेश के दबाव में है।

मुनाफे पर लागत का भारी बोझ

Bharti Airtel के तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे बताते हैं कि कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 55% गिरकर ₹6,630.5 करोड़ रहा। यह गिरावट मुख्य रूप से नेटवर्क ऑपरेटिंग खर्चों, लाइसेंस फीस, स्पेक्ट्रम चार्जेज और कर्मचारी खर्चों में हुई बढ़ोतरी के कारण आई है। रिपोर्ट के अनुसार, लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम चार्जेज में 7% की बढ़त के साथ यह ₹3,846 करोड़ पर पहुंच गए, वहीं कर्मचारी खर्च 21% बढ़कर ₹1,958 करोड़ हो गया।

ये ऑपरेटिंग खर्चे भले ही बढ़े हों, लेकिन कंपनी के लिए अच्छी खबर यह है कि कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू में 19.6% की जोरदार तेजी आई है, जो ₹53,981.6 करोड़ तक पहुंच गया। इसके साथ ही, एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) भी सुधरकर ₹259 हो गया, जो पिछले साल ₹245 था।

निवेश का दबाव और प्रतिस्पर्धी माहौल

इन सबके बीच, कंपनी के कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) में 28% का भारी उछाल देखा गया है, जो ₹11,787 करोड़ पर पहुंच गया। यह लगातार बढ़ता CAPEX कंपनी के मुनाफे पर दबाव बना रहा है, लेकिन Bharti Airtel 5G रोलआउट और नेटवर्क विस्तार के लिए बड़े निवेश से पीछे हटने को तैयार नहीं है।

यह सब तब हो रहा है जब भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में Reliance Jio और Vodafone Idea (Vi) जैसे बड़े खिलाड़ी मौजूद हैं। Bharti Airtel का P/E रेशियो लगभग 37.2x से 38.8x के बीच है और मार्केट कैपिटलाइज़ेशन करीब ₹11.98 ट्रिलियन है। वहीं, Vodafone Idea का मार्केट कैप लगभग ₹1.22 लाख करोड़ है और वह निगेटिव P/E पर ट्रेड कर रहा है, जो उसकी लगातार हो रही बड़ी हानियों को दिखाता है। Reliance Jio का ARPU लगभग ₹211.4 से ₹214 है, जो Airtel के ₹259 के मुकाबले कम है, लेकिन Jio का P/E रेशियो 100x से ऊपर है।

सेक्टर की चाल और आगे की राह

आंकड़े बताते हैं कि Bharti Airtel के नेट प्रॉफिट में गिरावट का एक बड़ा कारण पिछले साल की तुलना में बेस इफेक्ट (base effect) भी रहा। पिछले साल की इसी तिमाही में Indus Towers के री-क्लासिफिकेशन से एक बड़ा एक्सेप्शनल गेन (exceptional gain) हुआ था, जिसकी वजह से पिछले साल का प्रॉफिट बढ़ा हुआ दिख रहा था।

इसके बावजूद, भारतीय टेलीकॉम सेक्टर के लिए भविष्य अच्छा दिख रहा है। अगले फाइनेंशियल ईयर (FY26) में सेक्टर की रेवेन्यू ग्रोथ 10-12% रहने का अनुमान है और ARPU लगभग ₹220-225 तक पहुंच सकता है। मार्च 2026 तक 5G की पैठ 45-47% तक पहुंचने की उम्मीद है।

एनालिस्ट्स की राय

बाजार के एनालिस्ट्स Bharti Airtel की भविष्य की संभावनाओं को लेकर काफी पॉजिटिव दिख रहे हैं। उनका औसत टारगेट प्राइस ₹2,293 से ₹2,336.62 के बीच है, जो मौजूदा स्तरों से अच्छी खासी तेजी का संकेत देता है। एनालिस्ट्स की मिली-जुली राय 'Moderate Buy' या 'Outperform' की है, जो 5G के दौर में कंपनी की मजबूत स्थिति और क्वालिटी कस्टमर्स पर फोकस को दर्शाती है। कंपनी का 28% बढ़ा हुआ CAPEX इसी स्ट्रेटेजी का हिस्सा है, ताकि बढ़ती डेटा डिमांड और डिजिटल सर्विस का फायदा उठाया जा सके।

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