रेवेन्यू में शानदार बढ़ोतरी, टॉप लाइन मजबूत
Bharti Airtel ने Q4 FY26 में अपने टॉप लाइन पर दमदार प्रदर्शन दिखाया है। नए ग्राहकों को जोड़ने और मोबाइल सेवाओं में बेहतर रियलाइजेशन के दम पर कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू साल-दर-साल 15.7% बढ़कर ₹55,383 करोड़ पर पहुंच गया। भारत और अफ्रीका दोनों बाजारों में ग्रोथ, साथ ही होम्स बिज़नेस के अच्छे प्रदर्शन ने इसमें बड़ा योगदान दिया। इसके चलते कंसॉलिडेटेड EBIT (Earnings Before Interest and Taxes) में 21.4% की बढ़त देखी गई और यह ₹18,156 करोड़ पर पहुंच गया। प्रॉफिट बिफोर टैक्स (Profit Before Tax) में भी 35.8% की जोरदार तेजी दर्ज की गई।
मुनाफे में गिरावट की वजह?
इतनी मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद, कंपनी का नेट प्रॉफिट एक्सेप्शनल आइटम्स (Exceptional Items) के बाद 33.5% घटकर ₹7,325 करोड़ रह गया। यह गिरावट तब आई है जब प्री-टैक्स प्रॉफिट बढ़ा और ARPU (Average Revenue Per User) भी सुधरकर ₹257 हो गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले साल के मुनाफे में बड़े टैक्स क्रेडिट शामिल थे, जो इस बार नहीं हैं, और कुछ वन-टाइम चार्ज भी हो सकते हैं, जिनकी वजह से यह गिरावट दर्ज की गई है।
निवेशकों को डिविडेंड का तोहफा और भविष्य के लिए बड़ा निवेश
कंपनी ने अपने शेयरहोल्डर्स के लिए ₹24 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) की सिफारिश की है, जो कंपनी के कैश फ्लो पर भरोसे को दिखाता है। भविष्य की ग्रोथ के लिए Bharti Airtel ने कैपेक्स (CAPEX) पर बड़ा दांव लगाया है। FY26 में कंपनी ने नेटवर्क विस्तार, जिसमें 5G और फाइबर डिप्लॉयमेंट शामिल है, के लिए ₹47,522 करोड़ का भारी निवेश किया है।
सेक्टर में मजबूत पकड़ और ARPU का खेल
Bharti Airtel का P/E रेश्यो 31.4x से 36.9x के बीच है, जो निवेशकों की हाई ग्रोथ एक्सपेक्टेशन को दर्शाता है। यह Reliance Industries (लगभग 22.2-22.63x) से काफी ऊपर है और Vodafone Idea के निगेटिव P/E से अलग है। भारतीय टेलीकॉम सेक्टर पर कुल मिलाकर लगभग ₹6.6 लाख करोड़ का भारी कर्ज है, क्योंकि कंपनियां 5G में बड़ा निवेश कर रही हैं। ARPU के मामले में, Airtel ₹257 के साथ Jio (₹206) और Vodafone Idea (₹164) से आगे है। हालांकि, पिछली तिमाही (Q3 FY26) के ₹259 की तुलना में Q4 FY26 में ARPU में मामूली गिरावट आकर ₹257 पर आ गया, भले ही साल-दर-साल इसमें 4.9% की बढ़ोतरी हुई हो।
आगे क्या हैं चुनौतियाँ?
नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल आई बड़ी गिरावट कॉस्ट प्रेशर की ओर इशारा करती है। ₹47,522 करोड़ का भारी कैपेक्स, जो नेटवर्क विस्तार के लिए जरूरी है, फ्री कैश फ्लो को प्रभावित कर सकता है और फाइनेंशियल लीवरेज बढ़ा सकता है। हालांकि नेट डेट-टू-EBITDA रेश्यो सुधरकर 0.79x हो गया है (पिछले साल 1.42x था), लेकिन इतने बड़े निवेश में रिस्क जरूर है। सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा और भारी कर्ज भविष्य में टैरिफ और ARPU ग्रोथ को प्रभावित कर सकता है। ARPU में आई यह हालिया गिरावट भी चिंता का विषय है।
भविष्य की राह
Bharti Airtel भारत की बढ़ती डिजिटल इकोनॉमी और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी की डिमांड का फायदा उठाने के लिए अच्छी पोजीशन में है। कंपनी हाई-वैल्यू कस्टमर्स को जोड़ने और डेटा सेंटर्स व 5G सेवाओं सहित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करने पर फोकस कर रही है, जिसका मकसद भविष्य में रेवेन्यू बढ़ाना है। एनालिस्ट्स का मानना है कि ARPU ₹260 के पार जाने और 5G सब्सक्राइबर की तेज ग्रोथ से कंपनी के टारगेट प्राइस में और बढ़ोतरी देखी जा सकती है। इस खबर के बाद शेयर में मामूली 1.84% की बढ़त देखी गई।
