Bharti Airtel Q3 Results: बढ़ी कमाई, पर 5G की दौड़ और Jio का दबदबा, जानें पूरी कहानी

TELECOM
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Bharti Airtel Q3 Results: बढ़ी कमाई, पर 5G की दौड़ और Jio का दबदबा, जानें पूरी कहानी
Overview

आज, 5 फरवरी 2026 को, भारती एयरटेल (Bharti Airtel) अपने Q3 FY26 के तिमाही नतीजों का ऐलान करने वाली है। उम्मीद है कि कंपनी की कमाई और मुनाफे में लगातार बढ़ोतरी जारी रहेगी, जिसका मुख्य कारण Average Revenue Per User (ARPU) का बढ़ना और भारत में वायरलेस सेगमेंट व अफ्रीकी कारोबार का मजबूत प्रदर्शन है। हालांकि, कंपनी रिलायंस जियो (Reliance Jio) से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और 5G नेटवर्क के विस्तार के लिए भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है।

नतीजे क्या कह रहे हैं?

विश्लेषकों का अनुमान है कि भारती एयरटेल Q3 FY26 में 18% की साल-दर-साल (YoY) ग्रोथ के साथ लगभग ₹53,000 करोड़ से ₹53,600 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज कर सकती है। इस ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान भारत में वायरलेस बिजनेस से Average Revenue Per User (ARPU) का बढ़ना है, जो ₹258 से ₹261 तक पहुँचने की उम्मीद है। वहीं, अफ्रीकी देशों में कंपनी का प्रदर्शन भी मजबूत है, जहाँ Q3 FY26 में मुनाफा 24% बढ़ा है। इससे पहले, Q2 FY26 में एयरटेल का नेट प्रॉफिट 108% बढ़कर ₹8,650.8 करोड़ और रेवेन्यू 25.7% बढ़कर ₹52,145 करोड़ रहा था [cite: provided in prompt].

Reliance Jio से टक्कर और 5G का बड़ा गेम

भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में मुख्य मुकाबला रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के बीच है। जियो का वायरलेस मार्केट शेयर लगभग 41-42% है, जबकि एयरटेल 34% पर है। हालांकि, मुनाफे के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले ARPU में एयरटेल, जियो से काफी आगे है। एयरटेल अपने 5G नेटवर्क को स्टैंडअलोन (SA) आर्किटेक्चर पर भी अपग्रेड कर रही है, जो जियो के SA-फर्स्ट (पहले SA) वाले तरीके से अलग है। इस 5G अपग्रेड के लिए भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) की ज़रूरत होगी, जो एक बड़ी चिंता है। JP Morgan के विश्लेषकों का मानना है कि FY27 से एक नया Capex साइकल शुरू हो सकता है, जो एयरटेल के फ्री कैश फ्लो पर असर डाल सकता है। हाल के वर्षों में कंपनी ने कर्ज कम करने में अच्छी प्रगति दिखाई है।

ब्रोकरेज की राय और शेयर का भविष्य

कई ब्रोकरेज फर्मों का अनुमान है कि Q3 FY26 में एयरटेल का EBITDA मार्जिन बढ़कर 57.3% तक पहुँच सकता है। हालांकि, मार्जिन में कितनी बढ़ोतरी होगी और अफ्रीका के कारोबार की प्रॉफिटेबिलिटी पर विदेशी मुद्रा (forex) की अस्थिरता और ऑपरेटिंग खर्चों का क्या असर पड़ेगा, इस पर विश्लेषकों में राय बंटी हुई है। वर्तमान में एयरटेल के शेयर की कीमत लगभग ₹2030 है, और ब्रोकरेज फर्मों ने इसका औसत टारगेट प्राइस करीब ₹2293 रखा है, जो करीब 13.38% के अपसाइड की ओर इशारा करता है। यह वैल्यूएशन बाजार का एयरटेल की मार्केट पोजिशन और ARPU लीडरशिप में भरोसे को दर्शाता है, लेकिन 5G में हो रहे भारी निवेश और गलाकाट कॉम्पिटिशन के लंबे समय के असर पर पैनी नजर रहेगी।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.