मुनाफे में भारी गिरावट, पर रेवेन्यू में उछाल
Bharti Airtel ने Q3 FY26 के लिए कंसोलिडेटेड नतीजे पेश किए हैं, जिसमें मुनाफा 55% घटकर ₹6,630.5 करोड़ रहा। यह गिरावट काफी चौंकाने वाली है, खासकर तब जब कंपनी का रेवेन्यू 19.6% की शानदार बढ़त के साथ ₹53,982 करोड़ पर पहुंच गया। असल में, पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को कुछ बड़े एकमुश्त फायदों (exceptional gains) और इंडस टावर्स के कंसोलिडेशन से बूस्ट मिला था, जिसके कारण तुलना का आधार (base) काफी ऊंचा था। इसके अलावा, इस तिमाही में "वन-टाइम लेबर कोड प्रोविजन" को भी मुनाफे में आई कमी की वजह बताया गया है।
ARPU में दमदारी, भारत में बढ़ा कारोबार
कंपनी के लिए अच्छी खबर यह है कि Average Revenue Per User (ARPU) में 5.7% का इजाफा हुआ और यह ₹259 तक पहुंच गया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹245 था। इससे पता चलता है कि कंपनी अपने ग्राहकों से ज्यादा कमाई कर पा रही है। कंपनी के भारतीय ऑपरेशंस ने भी दम दिखाया, जहां रेवेन्यू 13.2% बढ़कर ₹39,226 करोड़ हो गया। भारत में मोबाइल रेवेन्यू में 9.1% की बढ़ोतरी हुई। नतीजों के बाद, 5 फरवरी 2026 को भारती एयरटेल का शेयर 1.65% गिरकर ₹1992.05 पर बंद हुआ।
मार्जिन पर दबाव और कॉम्पिटिशन
मुनाफे में आई इस भारी गिरावट के पीछे मार्जिन पर पड़ रहे दबाव को एक बड़ा कारण माना जा रहा है। एनालिस्ट्स का मानना है कि बढ़ते ऑपरेशनल खर्चे, 5G नेटवर्क में निवेश और स्पेक्ट्रम की लागत जैसे फैक्टर कंपनी के मार्जिन को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में, रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद बॉटम-लाइन पर असर दिख रहा है।
इस कॉम्पिटिटिव मार्केट में, Reliance Jio का नेट प्रॉफिट 0.56% बढ़कर ₹18,645 करोड़ रहा और रेवेन्यू 11% बढ़कर ₹2.69 लाख करोड़ हुआ, जिसका ARPU ₹213.7 था। वहीं, Vodafone Idea अभी भी घाटे में चल रही है, Q3 FY26 में ₹5,286 करोड़ का नेट लॉस हुआ, हालांकि रेवेन्यू 1.85% बढ़कर ₹11,323 करोड़ हो गया।
एनालिस्ट्स की राय और आगे की राह
नतीजों से पहले, एनालिस्ट्स को भारती एयरटेल से मिले-जुले प्रदर्शन की उम्मीद थी, जिसमें ARPU में सुधार और मार्जिन को लेकर कुछ चिंताएं थीं। नतीजों के बाद भी, ज्यादातर ब्रोकरेज हाउस 'Buy' या 'Strong Buy' की रेटिंग बनाए हुए हैं। JM Financial ने ₹2050 और Axis Securities ने ₹1900 का टारगेट प्राइस दिया है। कंपनी गूगल के साथ मिलकर AI हब बनाने जैसे रणनीतिक कदमों पर भी काम कर रही है, जो लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए अहम हो सकते हैं।
लॉन्ग-टर्म वैल्यू और मार्केट कैप
4 फरवरी 2026 तक, भारती एयरटेल का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹12.18 लाख करोड़ था। TTM P/E रेशियो 25.85x से 38.8x के बीच रहा, जो इंडस्ट्री P/E 38.21x के करीब है। हालांकि तिमाही नतीजे प्रॉफिटेबिलिटी पर शॉर्ट-टर्म दबाव दिखाते हैं, पर लगातार ARPU ग्रोथ, ग्राहक संख्या में बढ़ोतरी और 5G में हो रहा निवेश कंपनी के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत देते हैं। निवेशकों की नजरें अब कंपनी की लागत प्रबंधन (cost management) रणनीतियों पर रहेंगी।
