नतीजों पर एक नज़र: रेवेन्यू बढ़ा, मुनाफे पर भारी पड़े निवेश
भारती एयरटेल लिमिटेड ने दिसंबर 2025 तिमाही के अपने नतीजे जारी किए हैं। इस तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले क्वार्टर के मुकाबले 3.5% बढ़कर ₹53,982 करोड़ पर पहुंच गया। साथ ही, EBITDA में भी 4% का इजाफा हुआ और यह ₹30,782 करोड़ रहा, जिससे कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन सुधरकर 57% हो गए।
हालांकि, अच्छी बात यह है कि कंपनी का नेट प्रॉफिट 2.4% गिरकर ₹6,630.5 करोड़ पर आ गया। यह गिरावट असल में कंपनी की भविष्य की ग्रोथ स्ट्रेटेजी का हिस्सा है। एयरटेल AI और नई डिजिटल सेवाओं में भारी निवेश कर रही है, जिसने तिमाही नतीजों पर थोड़ा असर डाला है। 4 फरवरी 2026 तक, भारती एयरटेल का मार्केट कैप लगभग ₹12.18 लाख करोड़ था और शेयर ₹2,025 के आसपास ट्रेड कर रहा था।
कोर बिजनेस की धांसू परफॉरमेंस, Homes सेगमेंट का जलवा
कंपनी के इंडिया मोबाइल सेगमेंट ने साल-दर-साल (YoY) 9.1% की रेवेन्यू ग्रोथ दिखाई है। इसका मुख्य कारण प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) का ₹259 तक पहुंचना है, जो कि पिछली तिमाही से 1.2% ज्यादा है। अब 79% ग्राहक स्मार्टफोन इस्तेमाल कर रहे हैं और हर यूजर हर महीने औसतन 29.8 GB डेटा इस्तेमाल कर रहा है, जो पिछले साल के मुकाबले 29.2% ज्यादा है।
अफ्रीका में भी कंपनी ने कांस्टेंट करेंसी में 5.8% की ग्रोथ दर्ज की है। लेकिन सबसे शानदार परफॉरमेंस रहा Homes बिजनेस का, जिसकी रेवेन्यू में 32.6% की जोरदार YoY ग्रोथ देखी गई। इस सेगमेंट में रिकॉर्ड 11.6 लाख नए कस्टमर जुड़े, जिससे तिमाही रेवेन्यू रन-रेट ₹2,000 करोड़ के पार चला गया। Airtel Business ने भी क्लाउड, साइबर सिक्योरिटी और IoT सॉल्यूशंस की बदौलत 1.5% का क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर ग्रोथ दर्ज किया।
भविष्य की राह: AI, क्लाउड और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप
नेट प्रॉफिट में मामूली गिरावट के बावजूद, कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी मजबूत दिख रही है। नतीजों के अनुसार, एयरटेल AI हब बनाने के लिए गूगल के साथ, और एयरटेल क्लाउड क्षमताओं को बढ़ाने के लिए IBM के साथ साझेदारी कर रहा है। इंडियन रेलवे से मिला मल्टी-ईयर साइबर सिक्योरिटी कॉन्ट्रैक्ट भी कंपनी की एंटरप्राइज सॉल्यूशंस में बढ़त दिखाता है।
एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन गोपाल विट्टल ने कहा कि कंपनी अपने डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो और बैलेंस शीट की मजबूती के दम पर भविष्य के ग्रोथ अवसरों में आक्रामक निवेश करने के लिए तैयार है। AI, क्लाउड और डिजिटल सेवाओं पर यह फोकस, साथ ही कोर कनेक्टिविटी में विस्तार, एयरटेल की लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्रिएशन की रणनीति का हिस्सा है, जो शॉर्ट-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी से ज़्यादा महत्वपूर्ण है।
