एफपीआई की धूम: टेलीकॉम में उछाल, जबकि आईटी और कंजम्पशन में गिरावट!

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AuthorSaanvi Reddy | Whalesbook News Team

Overview

नवंबर में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय टेलीकॉम स्टॉक्स में ₹14,326 करोड़ का निवेश किया, जिससे यह सबसे अधिक लाभ कमाने वाला सेक्टर बन गया। इसी महीने इक्विटी से कुल ₹3,765 करोड़ का आउटफ्लो हुआ। AI और मांग स्थिरीकरण की चिंताओं के कारण IT और कंजम्पशन जैसे सेक्टरों पर महत्वपूर्ण बिकवाली का दबाव देखा गया।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने नवंबर में भारतीय टेलीकम्युनिकेशंस सेक्टर में ₹14,326 करोड़ का महत्वपूर्ण निवेश किया। यह अप्रैल 2022 के बाद टेलीकॉम में सबसे बड़ा मासिक इनफ्लो है। यह तब हुआ जब FPIs ने उसी महीने भारतीय इक्विटी से कुल ₹3,765 करोड़ की निकासी की। इस दौरान, टेलीकॉम सेक्टर नवंबर में सबसे अधिक लाभ कमाने वाला सेक्टर बनकर उभरा, जबकि रियलटी और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) जैसे सेगमेंट्स में FPI का आउटफ्लो देखा गया। तेल और गैस सेक्टर ने भी ₹7,169 करोड़ का निवेश आकर्षित किया। 2025 में, IT सेक्टर FPI की बिकवाली का सबसे बड़ा शिकार रहा, जिसमें ₹29,425 करोड़ का शुद्ध बहिर्वाह हुआ, जिसमें नवंबर में ₹5,794 करोड़ का सबसे बड़ा मासिक बहिर्वाह शामिल है। विश्लेषकों का मानना ​​है कि AI और इसके संभावित प्रभावों को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण यह गिरावट आई है। उपभोक्ता-संबंधित क्षेत्रों (जैसे खाद्य, पेय पदार्थ) में भी आउटफ्लो देखा गया। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि यह भारत की दीर्घकालिक विकास गाथा में विश्वास की कमी का संकेत नहीं है, बल्कि यह एक चक्रीय रोटेशन (cyclical rotation) है, जहां FPIs घरेलू मांग और सरकारी नीति प्राथमिकताओं के अनुरूप क्षेत्रों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यह खबर भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए प्रासंगिक है क्योंकि यह महत्वपूर्ण FPI गतिविधि और क्षेत्र रोटेशन को दर्शाती है।

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