चौंकाने वाला जुर्माना! 'डार्क पैटर्न' इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया Zepto – उपभोक्ता प्रहरी ने लगाया ₹7 लाख का जुर्माना!

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AuthorNeha Patil | Whalesbook News Team

Overview

भारत के उपभोक्ता प्रहरी, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA), ने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Zepto पर 'डार्क पैटर्न' जैसे ड्रिप प्राइसिंग और बास्केट स्नेकिंग का उपयोग करने के लिए ₹700,000 का जुर्माना लगाया है। ये भ्रामक प्रथाएं, जो उपभोक्ताओं को अंतिम मूल्य के बारे में गुमराह करती हैं और छिपे हुए शुल्क जोड़ती हैं, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 का उल्लंघन करती हैं। यह कार्रवाई भारत के बढ़ते ऑनलाइन रिटेल बाज़ार में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बढ़ती नियामक जांच का संकेत देती है।

Zepto पर भ्रामक 'डार्क पैटर्न' के लिए ₹7 लाख का जुर्माना
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने Zepto Marketplace Pvt Ltd पर 'डार्क पैटर्न' के उपयोग के माध्यम से उपभोक्ता संरक्षण कानूनों का उल्लंघन करने के लिए ₹700,000 का जुर्माना लगाया है। क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म को भ्रामक मूल्य प्रकटीकरण का दोषी पाया गया, विशेष रूप से ड्रिप प्राइसिंग और बास्केट स्नेकिंग जैसी तरकीबों का उपयोग करने के लिए, जिसके कारण उपभोक्ताओं से शुरू में विज्ञापित कीमत से अधिक शुल्क लिया गया।

CCPA की Zepto पर कार्रवाई

  • CCPA के अंतिम आदेश, जिसकी समीक्षा मिंट (Mint) ने की है, में Zepto की प्रथाओं को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के कई प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया।
  • ड्रिप प्राइसिंग में शुरू में कम कीमत का विज्ञापन देना शामिल है, लेकिन चेकआउट के दौरान हैंडलिंग शुल्क (handling charges) और सदस्यता शुल्क (membership fees) जैसे अघोषित अनिवार्य शुल्कों के साथ अंतिम लागत को बढ़ाना।
  • बास्केट स्नेकिंग तब होता है जब कोई सेवा या वस्तु उपभोक्ता की स्पष्ट जानकारी या सहमति के बिना उसकी कार्ट (cart) में जोड़ दी जाती है।
  • यह जुर्माना इस वर्ष 11 ई-कॉमर्स कंपनियों को डार्क पैटर्न के खिलाफ चेतावनी नोटिस भेजने के बाद आया है।

डार्क पैटर्न को समझना

  • डार्क पैटर्न भ्रामक ऑनलाइन डिज़ाइन होते हैं जिनका उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को व्यावसायिक लाभ के लिए अवांछित कार्यों में फंसाना होता है।
  • वे यूजर इंटरफ़ेस (user interface) या उपयोगकर्ता अनुभव (user experience) इंटरैक्शन का उपयोग करके उपभोक्ता की स्वायत्तता, निर्णय लेने की क्षमता और पसंद को कमजोर करते हैं।
  • सरकार ने 13 प्रकार के डार्क पैटर्न की पहचान की है, जिनमें झूठी तात्कालिकता (false urgency), सदस्यता जाल (subscription traps), भ्रामक विज्ञापन (disguised advertisements) और भ्रामक मूल्य निर्धारण रणनीतियाँ शामिल हैं।

मुख्य उल्लंघनों पर ध्यान दिया गया

  • CCPA ने 2 जनवरी, 2025 को एक रियलिटी टेस्ट (reality test) आयोजित किया, जिसमें देखा गया कि ₹170 में विज्ञापित एक वस्तु कार्ट में ₹177.44 की थी, जो अघोषित हैंडलिंग शुल्क और Zepto Pass सदस्यता शुल्क के कारण थी।
  • Zepto Pass और अन्य ऐड-ऑन (add-ons) कार्ट में प्री-सिलेक्टेड (pre-selected) पाए गए, जिन्हें मैन्युअल रूप से हटाना आवश्यक था, जो बास्केट स्नेकिंग है।
  • प्राधिकरण ने इंटरफ़ेस हस्तक्षेप (interface interference) को भी नोट किया, जहाँ डिज़ाइन उपयोगकर्ताओं को महंगी विकल्पों या छूट की ओर धकेल रहा था।

Zepto की दलील और नियामक प्रतिक्रिया

  • Zepto ने तर्क दिया कि सभी शुल्क उसके उपयोग की शर्तों (terms of use) में बताए गए थे और अतिरिक्त राशि अलग-अलग विक्रेताओं द्वारा लगाई गई थी, न कि Zepto द्वारा रखी गई थी।
  • कंपनी ने यह भी कहा कि उसने स्पष्टता में सुधार करने और प्री-सिलेक्टेड सुविधाओं (pre-selected features) को हटाने के लिए अपने UI को संशोधित किया है।
  • हालांकि, CCPA ने कहा कि ये बदलाव नियामक हस्तक्षेप के बाद किए गए थे और Zepto को पिछले उल्लंघनों से मुक्त नहीं करते।
  • CCPA ने इस बात पर जोर दिया कि दिशानिर्देशों के अनुसार मूल्य प्रकटीकरण स्पष्ट होना चाहिए, और अनिवार्य शुल्क खरीद प्रक्रिया के अंत में नहीं आने चाहिए।

व्यापक बाज़ार संदर्भ

  • Zepto के खिलाफ यह कार्रवाई Rapido के जुर्माने के बाद दूसरी है, जो नियामकों का सख्त रुख दर्शाती है।
  • भारत के ऑनलाइन रिटेल बाज़ार के 2024 में $75 बिलियन से बढ़कर 2030 तक $260 बिलियन होने का अनुमान है।
  • क्विक कॉमर्स इस बाज़ार के भीतर एक तेजी से विस्तार करने वाला खंड है, जो सालाना 70-80% की दर से बढ़ रहा है।

प्रभाव

  • यह निर्णय CCPA के अधिकार को मजबूत करता है और निष्पक्ष व्यापार प्रथाओं के संबंध में अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के लिए एक मिसाल कायम करता है।
  • इससे ऑनलाइन रिटेल और क्विक कॉमर्स क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियों में अधिक पारदर्शिता और सावधानी बरती जाएगी ताकि समान दंड से बचा जा सके।
  • उपभोक्ताओं को स्पष्ट मूल्य निर्धारण और कम छिपे हुए शुल्क मिल सकते हैं, जिससे ऑनलाइन खरीदारी का अनुभव बेहतर होगा।

Impact Rating: 8/10

कठिन शब्दों की व्याख्या

  • डार्क पैटर्न (Dark Patterns): भ्रामक ऑनलाइन डिज़ाइन तत्व जो उपयोगकर्ताओं को उन कार्यों में फंसाते हैं जो वे अन्यथा नहीं करते, अक्सर लाभ के लिए।
  • ड्रिप प्राइसिंग (Drip Pricing): एक मूल्य निर्धारण रणनीति जहाँ एक प्रारंभिक मूल्य का विज्ञापन किया जाता है, लेकिन ग्राहक के खरीद प्रक्रिया में आगे बढ़ने पर अतिरिक्त अनिवार्य शुल्क जोड़े जाते हैं, जिससे अंतिम लागत बढ़ जाती है।
  • बास्केट स्नेकिंग (Basket Sneaking): ग्राहक की स्पष्ट सहमति के बिना उसकी शॉपिंग कार्ट में वैकल्पिक वस्तुओं या सेवाओं को स्वचालित रूप से जोड़ना, जिसके लिए उन्हें मैन्युअल रूप से हटाना पड़ता है।
  • Suo Motu Cognizance: किसी अदालत या प्राधिकरण की वह शक्ति जो बिना औपचारिक शिकायत दर्ज किए स्वयं ही किसी मामले का संज्ञान ले लेती है।
  • इंटरफ़ेस हस्तक्षेप (Interface Interference): किसी उपयोगकर्ता इंटरफ़ेस को इस तरह से डिज़ाइन करना जो उपयोगकर्ताओं को कुछ विकल्प चुनने के लिए प्रेरित करता है, अक्सर पसंदीदा विकल्पों को उजागर करके या दूसरों को छिपाकर।
  • उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 (Consumer Protection Act, 2019): एक भारतीय कानून जो अनुचित व्यापार प्रथाओं और दोषपूर्ण वस्तुओं/सेवाओं के खिलाफ उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए लागू किया गया है।

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