ixigo के निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Q1 में ₹34 करोड़ से ज़्यादा मुनाफा, होटल सेगमेंट में छाने की तैयारी

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AuthorMehul Desai|Published at:
ixigo के निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Q1 में ₹34 करोड़ से ज़्यादा मुनाफा, होटल सेगमेंट में छाने की तैयारी

ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी ixigo ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में शानदार प्रदर्शन करते हुए **81%** की छलांग लगाई है। कंपनी ने **₹34.24 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। होटल बुकिंग में ज़बरदस्त ग्रोथ और हालिया Brevistay अधिग्रहण के दम पर ixigo अब भारत के मिड-मार्केट होटल सेगमेंट में लीडर बनने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

कैसे हुआ इतना तगड़ा मुनाफा?

Le Travenues Technology, जो ixigo ट्रैवल प्लेटफॉर्म चलाती है, ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में ज़बरदस्त फाइनेंशियल ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 81% बढ़कर ₹34.24 करोड़ तक पहुँच गया है। इस प्रॉफिट बूम के पीछे 13% बढ़ी हुई ऑपरेशनल रेवेन्यू का भी बड़ा हाथ है, जो कुल ₹356.75 करोड़ रहा। वहीं, ग्रॉस ट्रांजैक्शन वैल्यू में 19% का इजाफा हुआ और यह ₹5,524.33 करोड़ पर पहुंच गई।

होटल सेगमेंट में ixigo की धाक जमाने की कोशिश

कंपनी अब होटल बुकिंग सेगमेंट में आक्रामक तरीके से आगे बढ़ रही है। CEO Aloke Bajpai का कहना है कि अगले चार से पांच सालों में कंपनी का लक्ष्य मिड-मार्केट होटल कैटेगरी में लीडर बनना है। इस महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए ixigo ने हाल ही में Brevistay में 54.66% की मेजॉरिटी स्टेक खरीदी है। Brevistay फ्लेक्सिबल और शॉर्ट-स्टे अकॉमोडेशन में माहिर है। यह अधिग्रहण भारत के असंगठित होटल उद्योग से बड़ा हिस्सा हथियाने की एक स्ट्रैटेजिक चाल है।

कैपिटल-लाइट मॉडल और ग्रोथ की रणनीति

ixigo की रणनीति 'कैपिटल-लाइट' मॉडल पर टिकी है। कंपनी नए ग्राहक जोड़ने पर भारी खर्च करने के बजाय, अपने मौजूदा कस्टमर बेस का फायदा उठाकर बुकिंग बढ़ाना चाहती है। कंपनी के मुताबिक, फिलहाल 90% से ज़्यादा होटल बुकिंग उन्हीं यूज़र्स से आती है जो पहले से प्लेटफॉर्म पर मौजूद हैं। ixigo के पास अब भारत के 700 शहरों में 10,000 से ज़्यादा होटलों का डायरेक्ट इन्वेंट्री है और इसे और बढ़ाने की योजना है।

चुनौतियां और जोखिम (Challenges & Risks)

हालांकि, इस विस्तार के साथ कंपनी के सामने कुछ खास ऑपरेशनल चुनौतियां भी हैं। भारत का मिड-मार्केट होटल सेगमेंट बेहद बिखरा हुआ है, जिसमें लगभग 70% इन्वेंट्री अभी भी अनब्रांडेड है। ixigo के लिए इतने बड़े और अनौपचारिक नेटवर्क में सर्विस क्वालिटी बनाए रखना और कस्टमर की उम्मीदों पर खरा उतरना एक बड़ा एग्जीक्यूशन रिस्क है। अगर क्वालिटी स्टैंडर्ड्स में कमी आई तो ब्रांड इमेज और कस्टमर रिटेंशन पर असर पड़ सकता है।

इसके अलावा, ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी (OTA) सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा है। बड़े प्लेयर्स और नए खिलाड़ी अक्सर मार्केट शेयर हथियाने के लिए आक्रामक डिस्काउंटिंग का सहारा लेते हैं, जिससे प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। अगर कंपनी को अपने होटल सेगमेंट में ग्रोथ बनाए रखने के लिए मार्केटिंग या इंसेंटिव पर ज़्यादा खर्च करना पड़ा, तो उसकी मौजूदा प्रॉफिटेबिलिटी पर सवाल उठ सकते हैं। इन्वेस्टर्स इस बात पर बारीकी से नज़र रखेंगे कि ixigo अपनी नई एक्विजिशन को कितनी प्रभावी ढंग से इंटीग्रेट करती है और क्या वह इस नए वर्टिकल को बढ़ाते हुए अपने बेहतर प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रख पाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.