डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म ekincare ने हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम सेटलमेंट को तेज करने के लिए AI-आधारित फर्म Superclaims का अधिग्रहण कर लिया है। इस डील से इंश्योरर्स और TPAs का मैन्युअल काम कम होगा और क्लेम असेसमेंट का समय घटेगा।
इंश्योरेंस टेक्नोलॉजी में ekincare का मास्टरस्ट्रोक
हैदराबाद की हेल्थ टेक कंपनी ekincare ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम सेटल करने वाली स्टार्टअप Superclaims का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। हालांकि, इस डील की फाइनेंशियल वैल्यू अभी गुप्त रखी गई है। इस स्ट्रेटेजिक मूव का मकसद ekincare के मौजूदा हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म में ऑटोमेटेड असेसमेंट टूल्स को इंटीग्रेट करना है। यह प्लेटफॉर्म पहले से ही 1,000 से ज्यादा कॉर्पोरेट क्लाइंट्स के 20 लाख से ज्यादा लोगों को सर्विस दे रहा है।
क्लेम प्रोसेसिंग की इनएफिशिएंसी होगी दूर
इस अधिग्रहण का मुख्य फोकस हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम प्रोसेस में मौजूद दिक्कतों को दूर करना है। Superclaims की टेक्नोलॉजी को मौजूदा इंश्योरेंस वर्कफ्लो के साथ इंटरफेस करने के लिए डिज़ाइन किया गया है ताकि डॉक्यूमेंट असेसमेंट को ऑटोमेट किया जा सके। कंपनी के मुताबिक, इस इंटीग्रेशन से क्लेम प्रोसेस में लगने वाला समय कई घंटों से घटकर सिर्फ 10 मिनट रह जाएगा। एक ऐसे प्रोसेस को डिजिटाइज करके जो पहले काफी हद तक मैन्युअल और डॉक्यूमेंट-हैवी था, ekincare इंश्योरर्स और थर्ड-पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर्स (TPAs) के लिए क्लेम सेटलमेंट की स्पीड और एक्यूरेसी को बेहतर बनाना चाहता है।
इंडस्ट्री की डिमांड और रेगुलेटरी माहौल
यह अधिग्रहण ऐसे समय में हुआ है जब भारतीय हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर में क्लेम की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) की FY2024-25 की एनुअल रिपोर्ट के अनुसार, देश के जनरल और हेल्थ इंश्योरर्स ने 3.26 करोड़ हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम सेटल किए, जिनमें कुल ₹94,248 करोड़ का भुगतान किया गया। ट्रांजैक्शंस की यह भारी संख्या इंश्योरर्स पर ऑपरेशनल दबाव डालती है, जिससे ऑटोमेटेड एडजुडिकेशन टूल्स बड़े पैमाने पर इंश्योरेंस पोर्टफोलियो को कुशलतापूर्वक मैनेज करने के लिए और भी जरूरी हो गए हैं।
स्ट्रेटेजिक इंटीग्रेशन और ग्रोथ की ओर
ekincare के लीडरशिप का मानना है कि Superclaims के जुड़ने से मौजूदा एंटरप्राइज क्लाइंट्स और इंश्योरर्स के साथ कंपनी के रिश्ते और मजबूत होंगे। क्लेम प्रोसेसिंग को अपने व्यापक डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम में शामिल करके, ekincare खुद को एक अधिक इंटीग्रेटेड सर्विस प्रोवाइडर के रूप में स्थापित कर रहा है। Superclaims अपनी ब्रांड पहचान और फाउंडिंग टीम, जिसमें CEO Bhavish Ramaswamy और CTO Maneesh Daithala शामिल हैं, को बरकरार रखेगा। वे ekincare मैनेजमेंट के तहत अपनी यूनिट का नेतृत्व करना जारी रखेंगे। घरेलू बाजार के अलावा, कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि वह अंतरराष्ट्रीय इंश्योरेंस बाजारों में AI-आधारित सॉफ्टवेयर के अवसरों को तलाशने के लिए इस टेक्नोलॉजी का लाभ उठा सकती है।
स्टेकहोल्डर्स के लिए, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ekincare इन AI क्षमताओं को बड़े इंश्योरेंस पार्टनर्स के जटिल वर्कफ्लो में कितनी प्रभावी ढंग से इंटीग्रेट करता है। इस कदम की सफलता बाहरी इंश्योरर्स द्वारा टेक्नोलॉजी को अपनाने की दर और कंपनी की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को स्केल करते हुए लगातार क्लेम एक्यूरेसी बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर करेगी। भविष्य के अपडेट में प्रमुख इंश्योरेंस नेटवर्क्स के भीतर इन ऑटोमेटेड सिस्टम की तैनाती और कॉर्पोरेट पार्टनर्स द्वारा रिपोर्ट किए गए ऑपरेशनल लागत या सेटलमेंट स्पीड पर किसी भी मापने योग्य प्रभाव पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है।
