AI Infrastructure: डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स पर लगा ग्रहण, **$68 बिलियन** के निवेश पर मंडराया खतरा

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
AI Infrastructure: डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स पर लगा ग्रहण, **$68 बिलियन** के निवेश पर मंडराया खतरा

अमेरिका में डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स का रास्ता कठिन हो गया है। स्थानीय लोगों के भारी विरोध के कारण अप्रैल से जून के बीच **$68 बिलियन** की लागत वाली परियोजनाएं ठप पड़ गई हैं, जिससे बड़ी टेक कंपनियों की AI महत्वाकांक्षाओं को झटका लग सकता है।

बिजली और पानी की खपत पर बढ़ता विवाद

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की होड़ में टेक कंपनियां तेजी से अपने डेटा सेंटर्स का विस्तार कर रही हैं, लेकिन अब इसे स्थानीय स्तर पर कड़ा विरोध झेलना पड़ रहा है। साल 2026 की दूसरी तिमाही में 45 बड़े प्रोजेक्ट्स या तो रद्द कर दिए गए हैं या उनमें देरी हुई है। इन परियोजनाओं का कुल मूल्य $68 बिलियन आंका गया है। विरोध की सबसे बड़ी वजह इन सेंटर्स द्वारा भारी मात्रा में बिजली और पानी की खपत है, जो स्थानीय निवासियों की चिंता का विषय बन गई है।

टेक दिग्गजों के लिए बढ़ी मुसीबत

Microsoft, Amazon, Meta और Alphabet जैसी दिग्गज कंपनियां अपनी कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने के लिए अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं। हालांकि, टेनेसी जैसे राज्यों में स्थानीय समूह सोशल मीडिया के जरिए लामबंद हो रहे हैं। एक मामले में तो 5,00,000 लोगों ने याचिका पर हस्ताक्षर तक किए हैं, जिससे निर्माण पर रोक लग गई है।

सख्त होते नियम (Regulatory Headwinds)

इस बढ़ती नाराजगी का असर पॉलिसी पर भी दिख रहा है। अमेरिका के 30 राज्यों में अब डेटा सेंटर्स की लोकेशन और संसाधनों के उपयोग को लेकर नए, सख्त नियम लाए जा रहे हैं। यह स्थिति उन कंपनियों के लिए 'एग्जीक्यूशन रिस्क' पैदा कर रही है जो तेजी से अपना इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने की दौड़ में हैं। यदि समय पर परमिट नहीं मिले, तो कंपनियों की लागत बढ़ सकती है और वे अपनी AI विस्तार योजनाओं को समय पर पूरा नहीं कर पाएंगी। अब यह समस्या अमेरिका से बाहर यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका तक भी फैलती दिख रही है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.