गुरुग्राम की स्टार्टअप कंपनी Zupee ने अपने सभी फ्री-टू-प्ले गेमिंग टाइटल्स को बंद करने का बड़ा फैसला लिया है। अब कंपनी पूरी तरह से Artificial Intelligence (AI) पर ध्यान केंद्रित करेगी।
लूडो और सांप-सीढ़ी जैसे गेम्स के लिए पहचान बनाने वाली गुरुग्राम की कंपनी Zupee ने गेमिंग के अपने सफर पर पूर्णविराम लगा दिया है। अगस्त 2025 से चल रहे कॉर्पोरेट रिस्ट्रक्चरिंग के दौर को पूरा करते हुए कंपनी ने अपने सभी फ्री-टू-प्ले गेम्स को बंद करने की पुष्टि की है।
बदलाव की वजह और चुनौतियां
यह फैसला कंपनी के लिए कठिन समय का नतीजा है। अगस्त 2025 में रेगुलेटरी बदलावों के बाद कंपनी ने रियल-मनी गेमिंग से फ्री-टू-प्ले मॉडल की ओर रुख किया था। लेकिन यह संक्रमण काल काफी संघर्षपूर्ण रहा, जिसके चलते सितंबर 2025 और जनवरी 2026 में दो बार वर्कफोर्स में कटौती करनी पड़ी। इसके अलावा, कंपनी ने एस्पोर्ट्स (Esports), माइक्रोड्रामा और ज्योतिष जैसे क्षेत्रों में भी हाथ आजमाया, लेकिन वहां सफलता नहीं मिली।
अब AI पर कंपनी का दांव
फाउंडर्स दिलशेर सिंह मल्ही और सिद्धांत सौरभ का मानना है कि AI में शिफ्ट होना एक स्वाभाविक कदम है। कंपनी का तर्क है कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के करोड़ों इंटरनेट यूजर्स के लिए सॉफ्टवेयर बनाने का उनका अनुभव उन्हें भारतीय बाजार के लिए बेहतर AI टूल्स विकसित करने में मदद करेगा।
रिस्क और भविष्य की तस्वीर
Zupee को WestCap Group, Tomales Bay Capital और Nepean Capital जैसे बड़े निवेशकों का समर्थन प्राप्त है, लेकिन राह आसान नहीं है। गेमिंग से सीधे एक सोफिस्टिकेटेड AI कंपनी में बदलना एक जटिल प्रक्रिया है। भारतीय AI सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बहुत ज्यादा है और ग्लोबल कंपनियां भी यहां डटी हुई हैं। अभी तक कंपनी ने अपना विस्तृत प्रोडक्ट रोडमैप पेश नहीं किया है, जिससे निवेशकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी अपनी टेक्नोलॉजी को कैसे मॉनेटाइज करेगी और क्या वह इस बड़े बदलाव के बाद खुद को स्थिर कर पाएगी।
