गुरुवार को Zomato के शेयरों में **2%** की तेजी देखी गई। कंपनी ने उम्मीद से बेहतर रेवेन्यू (Revenue) पेश किया, जिसने तिमाही मुनाफे (Profit) में आई कमी को ढक दिया। निवेशक Blinkit सेगमेंट के प्रदर्शन और मार्जिन में सुधार पर ध्यान दे रहे हैं।
Detailed Coverage
Zomato के नतीजे: रेवेन्यू ने मारी बाजी, पर मुनाफे पर आई मार
गुरुवार को शुरुआती कारोबार में Zomato Ltd के शेयर 2% चढ़कर ₹290.10 पर पहुंच गए। यह तेजी ऐसे समय में आई है जब बाकी बड़े मार्केट इंडेक्स में कमजोरी दिख रही थी। कंपनी के FY27 के लिए पहली तिमाही के नतीजे आए हैं, जिसमें रेवेन्यू ग्रोथ ने एनालिस्ट्स की उम्मीदों को पार कर लिया। इससे निवेशकों का ध्यान नेट प्रॉफिट में आई कमी से हटकर कंपनी के ओवरऑल परफॉर्मेंस पर चला गया है।
रेवेन्यू ग्रोथ और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस
Zomato ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए ₹20,211 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो कि ₹19,850 करोड़ के अनुमान से बेहतर था। यह पिछले तिमाही की तुलना में 17% की बढ़ोतरी है और पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा है। ऑपरेशनल मोर्चे पर, कंपनी ने ₹594 करोड़ का EBITDA दर्ज किया, जो पिछली तिमाही से 22% ज्यादा है। EBITDA मार्जिन, जो ऑपरेशनल एफिशिएंसी का एक अहम पैमाना है, पिछली तिमाही के 2.8% से बढ़कर 2.9% हो गया।
प्रॉफिटेबिलिटी और सेगमेंट पर फोकस
कंपनी ने FY27 की पहली तिमाही में ₹92 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया। यह आंकड़ा मार्केट के ₹335 करोड़ के अनुमान से काफी कम था। यह प्रॉफिट पिछली तिमाही के ₹174 करोड़ की तुलना में 47% की गिरावट दर्शाता है। इन सबके बावजूद, निवेशक Blinkit क्विक कॉमर्स बिजनेस के ग्रोथ ट्रैक पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। मैनेजमेंट ने क्विक कॉमर्स डिवीजन में Profitability के बेहतर होते रुझानों और स्थिर कॉम्पिटिशन की बात कही, जिससे प्रॉफिट में कमी की चिंताओं को कुछ हद तक शांत किया।
मार्केट सेंटिमेंट को समझना
कंपनी अपना दायरा बढ़ा रही है, लेकिन क्विक कॉमर्स सेक्टर अभी भी काफी कैपिटल-इंटेंसिव है जहां Swiggy और Zepto जैसे खिलाड़ियों से कड़ी टक्कर मिल रही है। निवेशक अक्सर देखते हैं कि Zomato इस भारी विस्तार खर्च को मार्जिन बनाए रखने या सुधारने की जरूरत के साथ कैसे संतुलित करता है। हालांकि कंपनी ने पिछले साल की इसी तिमाही के ₹25 करोड़ की तुलना में प्रॉफिट में बड़ी साल-दर-साल बढ़ोतरी दिखाई है, लेकिन तिमाही-दर-तिमाही प्रॉफिट में गिरावट यह दिखाती है कि तेज विस्तार के दौर में अस्थिरता आ सकती है।
शेयरधारकों के लिए आगे मुख्य फोकस कंपनी की रेवेन्यू मोमेंटम को बनाए रखने की क्षमता होगी, साथ ही क्विक कॉमर्स विस्तार से जुड़े बढ़ते खर्चों का प्रबंधन करना भी होगा। निवेशक आने वाली तिमाहियों में Blinkit यूनिट के उच्च Profitability की राह पर नजर रखेंगे और कॉम्पिटिशन में किसी भी बदलाव पर भी नजर रखेंगे जो मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।
