US में सख्त होते वीजा नियमों और PERM प्रोग्राम के निलंबन के बाद, Zoho के फाउंडर Sridhar Vembu ने भारतीय टेक प्रोफेशनल्स को वापस भारत लौटने का न्योता दिया है। यह कदम भारत में R&D को मजबूत करने के लिए एक बड़ा मौका है।
अमेरिकी लेबर डिपार्टमेंट द्वारा कई बड़ी कंपनियों को PERM ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड करने के बाद भारतीय प्रोफेशनल्स के बीच अनिश्चितता का माहौल है। इसी बीच, Zoho के फाउंडर Sridhar Vembu ने देश के बाहर काम कर रहे भारतीयों को स्वदेश लौटने की अपील की है। उनका मानना है कि यह भारत में आत्मनिर्भर टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम बनाने का सही समय है।
फाइनेंशियल सेहत और बिजनेस मॉडल
Zoho एक प्राइवेट और बूटस्ट्रैप्ड कंपनी है, जिसका मतलब है कि यह NSE या BSE पर लिस्टेड नहीं है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा, जिसमें कंपनी ने लगभग ₹12,313 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और ₹3,191 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। हैरानी की बात यह है कि कंपनी पूरी तरह से कर्ज मुक्त (Debt-free) है और उसने अब तक कोई एक्सटर्नल वेंचर कैपिटल नहीं लिया है।
रिस्क और चुनौतियां
भले ही घरेलू टैलेंट की वापसी भारत के लिए फायदेमंद हो, लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं। Zoho का 41% रेवेन्यू अकेले अमेरिका से आता है। FY25 में कंपनी के खर्चों में 30% से ज्यादा का उछाल देखा गया, जिसका कारण डेटा सेंटर्स और R&D में भारी निवेश है। अगर अमेरिका में मार्केट डिमांड गिरती है या रेगुलेटरी सख्ती बढ़ती है, तो कंपनी की ग्रोथ पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, भारत को हाई-एंड टैलेंट को बनाए रखने के लिए अपने इंफ्रास्ट्रक्चर और रिसर्च इकोसिस्टम को और बेहतर बनाने की जरूरत है, ताकि प्रोफेशनल्स सिंगापुर या यूके जैसे विकल्पों के बजाय भारत को प्राथमिकता दें।
