Zoho ने अपने नए AI-आधारित इंटरफेस Zia Chat और सात अलग-अलग उद्योगों के लिए नए SaaS प्लेटफॉर्म पेश किए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य कंपनियों की ऑपरेशनल लागत को कम करना और बिखरे हुए सॉफ्टवेयर सिस्टम को एक प्लेटफॉर्म पर लाना है।
चेन्नई स्थित सॉफ्टवेयर दिग्गज Zoho ने एक साथ 7 नए इंडस्ट्री-स्पेसिफिक सॉफ्टवेयर और AI-संचालित इंटरफेस 'Zia Chat' लॉन्च किया है। यह कदम बिजनेस ऑपरेशंस को सरल बनाने के लिए उठाया गया है, जिससे सेल्स, मार्केटिंग और HR जैसे विभागों के काम को एक ही AI असिस्टेंट के जरिए मैनेज किया जा सकेगा। कंपनी का लक्ष्य महंगे AI मॉडल्स के मुकाबले एक सस्ता और किफायती विकल्प पेश करना है।
वर्टिकल SaaS का विस्तार
Zoho अब उन इंडस्ट्रीज पर ध्यान केंद्रित कर रहा है जहां कस्टमाइज्ड सॉफ्टवेयर की जरूरत है। इसमें Zoho RetailIQ (रिटेल), Zoho AutoDMS (ऑटोमोटिव) और फाइनेंस सेक्टर के लिए एक खास लोन ओरिजिनेशन सिस्टम शामिल है। हेल्थकेयर के लिए MedScribe पेश किया गया है, जो 'आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन' का समर्थन करेगा। इसके अलावा, रेस्टोरेंट सेगमेंट के लिए कंपनी ने ₹12 लाख से कम सालाना बिलिंग वाले बिजनेस के लिए जीरो फीस का मॉडल पेश किया है, जो अन्य सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती हो सकता है।
प्राइवेसी और AI रणनीति
Zia Chat की सबसे बड़ी खूबी इसका 'मॉडल-अग्नोस्टिक' होना है, यानी कंपनियां अपनी पसंद का AI मॉडल चुन सकती हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यूजर का डेटा इंटरनल AI मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए इस्तेमाल नहीं होगा, जो कॉर्पोरेट प्राइवेसी के लिए एक बड़ा कदम है।
इन्वेस्टर्स के लिए संदेश
हालांकि Zoho एक प्राइवेट कंपनी है, लेकिन इसका मार्केट इम्पैक्ट बड़ा है। कंपनी ने 2025 में 45% की सालाना रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, जो Microsoft और Google जैसी कंपनियों के लिए चुनौती बनी हुई है। अब देखना यह है कि क्या Zoho एक साथ इन 7 वर्टिकल्स को संभालने और बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने में सफल होती है या नहीं।
