Zoho Corporation ने अपना AI-पावर्ड लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS), Zoho Classes 2.0, लॉन्च कर दिया है। कंपनी का लक्ष्य सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थानों को टारगेट करना है। सरकारी संस्थाओं और छोटे शिक्षकों को यह प्लेटफॉर्म मुफ्त में देकर, Zoho, Google Classroom जैसे बड़े नामों से मार्केट शेयर छीनने की तैयारी में है।
नई पीढ़ी का लर्निंग प्लेटफॉर्म!
Zoho Corporation ने अपने लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) का नया वर्जन, Zoho Classes 2.0, लॉन्च किया है। यह प्लेटफॉर्म अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस है। जो शिक्षकों के एडमिनिस्ट्रेटिव काम को ऑटोमेट करेगा और छात्रों के लिए पर्सनलाइज्ड लर्निंग पाथ (personalized learning paths) तैयार करेगा। यह प्लेटफॉर्म शुरुआत में पेंडेमिक (pandemic) के दौरान एक असाइनमेंट टूल के तौर पर शुरू हुआ था, जिसे अब पूरी तरह से री-इंजीनियर (re-engineered) किया गया है।
सरकारी संस्थानों पर खास फोकस
Zoho Classes 2.0 को यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) और ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) जैसे रेगुलेटेड (regulated) एजुकेशनल बॉडीज की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। कंपनी का मानना है कि यह फीचर उन्हें Google Classroom और Moodle जैसे ग्लोबल प्लेटफॉर्म से अलग करेगा, जिनका LMS मार्केट में बड़ा दबदबा है।
Zoho एक आक्रामक मार्केट स्ट्रैटेजी (market strategy) अपना रहा है। केंद्रीय और राज्य सरकार के एजुकेशनल संस्थानों को यह प्लेटफॉर्म बिना किसी लाइसेंसिंग फीस के दिया जा रहा है। इतना ही नहीं, 100 स्टूडेंट्स तक वाले क्लासरूम वाले इंडिविजुअल टीचर्स भी इसे फ्री में इस्तेमाल कर पाएंगे। फिलहाल, दुनिया भर में इसके करीब 500 इंस्टीट्यूशनल साइन-अप्स (institutional sign-ups) हो चुके हैं, जिनमें SRM Institute और Sishya School जैसे नाम शामिल हैं। हालांकि, Zoho के कुल रेवेन्यू (revenue) में एजुकेशन सेगमेंट का हिस्सा अभी कम है, लेकिन कंपनी इस पर फोकस बढ़ा रही है। भारत से फिलहाल इसके कुल रेवेन्यू का लगभग एक-तिहाई हिस्सा आता है।
कॉम्पिटिशन से कैसे आगे निकलेगा Zoho?
Zoho अपने प्लेटफॉर्म को 22 भारतीय भाषाओं में सपोर्ट करके और अपने मौजूदा एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर (enterprise software) जैसे Zoho CRM और HRMS के साथ इंटीग्रेट (integrate) करके कॉम्पिटिशन में बढ़त बनाने की कोशिश कर रहा है। कंपनी सरकारी डिजिटाइजेशन प्रोजेक्ट्स (digitization projects) में अपनी पकड़ मजबूत करने पर भी काम कर रही है।
