Zoho का बड़ा फैसला: AI के बढ़ते खर्चों के कारण 2026 में सैलरी नहीं बढ़ाएगी कंपनी

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AuthorNeha Patil|Published at:
Zoho का बड़ा फैसला: AI के बढ़ते खर्चों के कारण 2026 में सैलरी नहीं बढ़ाएगी कंपनी

सॉफ्टवेयर दिग्गज Zoho ने 2026 में कर्मचारियों के लिए सालाना सैलरी बढ़ोतरी (Salary Hike) पर रोक लगा दी है। कंपनी पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्वर का खर्च चार गुना बढ़ने का भारी दबाव है।

भारी खर्च और मार्जिन का दबाव

Zoho के फाउंडर श्रीधर वेंबू ने इस कठिन फैसले के पीछे की वजह AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे बेतहाशा खर्च को बताया है। कंपनी के लिए डेटा सेंटर का सर्वर खर्च 4 गुना बढ़ चुका है। हालांकि कंपनी अभी भी मुनाफे में है, लेकिन फाइनेंशियल ईयर 2025 के आंकड़े बताते हैं कि रेवेन्यू ₹13,544 करोड़ होने के बावजूद नेट प्रॉफिट ₹3,191 करोड़ पर आ गया है, जो कि पिछले साल के मुकाबले 3.3% कम है।

कंपनी की स्ट्रैटेजी

मुनाफे पर पड़ रहे दबाव को कम करने के लिए Zoho ने केवल सैलरी हाइक ही नहीं रोकी, बल्कि पिछले 18 महीनों से कंपनी में नई भर्तियों (hiring) पर भी रोक लगी हुई है। इसके अलावा, मार्केटिंग बजट में भी कटौती की गई है ताकि कैश का इस्तेमाल इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिरता बनाए रखने में किया जा सके।

'वाइब कोडिंग' से बढ़ रही चुनौती

सॉफ्टवेयर सेक्टर में 'वाइब कोडिंग' (vibe coding) का ट्रेंड चल रहा है, जहां AI टूल्स की मदद से बहुत कम खर्च में सॉफ्टवेयर तैयार हो रहे हैं। ग्राहक तेजी से सस्ते और AI-आधारित विकल्पों की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। ऐसे में Zoho के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह अपने ट्रेडिशनल बिजनेस मॉडल को बचाए रखते हुए AI की इस दौड़ में कैसे टिके रहे। फिलहाल कंपनी मास लेऑफ (mass layoffs) से बचते हुए अपने ऑपरेशंस को पटरी पर लाने की कोशिश कर रही है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.