Zoho के फाउंडर Sridhar Vembu ने AI को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि AI जल्द ही एडवांस मैथमेटिक्स (Mathematics) में महारत हासिल कर लेगा, जिससे सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में काम करने का तरीका पूरी तरह बदल सकता है।
कोडिंग के भविष्य पर Vembu का नजरिया
Sridhar Vembu के मुताबिक, AI जिस तेजी से विकसित हो रहा है, वह दिन दूर नहीं जब यह जटिल गणितीय समस्याओं (Mathematical problems) को आसानी से सुलझा लेगा। अब तक यह क्षमता सिर्फ इंसानों तक सीमित मानी जाती थी, लेकिन यह बदलाव उम्मीद से कहीं ज्यादा जल्दी आ रहा है। वे कहते हैं कि भविष्य में कोडिंग करने से ज्यादा जरूरी होगा AI द्वारा बनाए गए कोड की रिलायबिलिटी (Reliability) को चेक करना। उनका सुझाव है कि कंपनियों को अब 'फॉर्मल वेरिफिकेशन टूल्स' पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, जो कोड की सटीकता को परखने में एक सेफ्टी गेट की तरह काम करेंगे।
Zoho का अलग रास्ता
जहाँ दुनिया भर की बड़ी कंपनियां AI में बेतहाशा निवेश कर रही हैं, वहीं Zoho अभी भी एक प्राइवेटली हेल्ड और डेट-फ्री कंपनी है। शेयर बाजार में लिस्टेड न होने के कारण कंपनी पर शॉर्ट-टर्म रिजल्ट्स का कोई दबाव नहीं है। इस वजह से वे बिना किसी दिखावे के लॉन्ग-टर्म R&D पर फोकस कर पा रहे हैं।
AI इन्वेस्टमेंट पर गंभीर सवाल
Vembu ने मौजूदा AI निवेश की होड़ की तुलना 'डॉट-कॉम' दौर से की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि कंपनियां केवल एफिशिएंसी के पीछे भाग रही हैं, जबकि हार्डवेयर, कूलिंग और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के बढ़ते खर्च और लेबर मार्केट में आने वाले बदलावों को नजरअंदाज कर रही हैं। यदि AI से मिलने वाली प्रोडक्टिविटी उसके खर्च के मुकाबले कम रहती है, तो आने वाले समय में मार्केट में बड़ा करेक्शन (Correction) देखने को मिल सकता है।
