Zoho Analytics ने अपना नया मल्टी-एजेंट AI प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। कंपनी अब छोटे कारोबारियों से हटकर बड़े कॉर्पोरेट क्लाइंट्स को टारगेट कर रही है, ताकि अगले सात सालों में अपने रेवेन्यू और यूजर बेस को दोगुना किया जा सके।
नई रणनीति और 'Agentic Analytics'
Zoho Corporation अब अपने बिजनेस इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म, Zoho Analytics को एक नई दिशा दे रही है। अक्टूबर 2026 के अंत में पेश किए गए इस 'Agentic Analytics' प्लेटफॉर्म के जरिए कंपनी अब हाई-वैल्यू वाले एंटरप्राइज अकाउंट्स को लुभाने की तैयारी में है। यह प्लेटफॉर्म सिर्फ डेटा विजुअलाइजेशन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मल्टी-एजेंट आर्किटेक्चर है, जो डेटा को समझकर खुद ही ऑटोमेटेड वर्कफ्लो को अंजाम दे सकता है।
फाइनेंशियल हेल्थ और लक्ष्य
फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। Zoho ने ₹12,313 करोड़ का रेवेन्यू और ₹3,191.5 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। मैनेजमेंट का लक्ष्य है कि अगले 5 से 7 साल में अपनी आय और कस्टमर बेस को दोगुना किया जाए। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करना कंपनी की मुख्य रणनीति है।
ग्लोबल प्लेयर्स से सीधी टक्कर
एंटरप्राइज मार्केट में कदम रखने के साथ ही Zoho को Microsoft Power BI और Salesforce Tableau जैसी दिग्गज कंपनियों से कड़ी टक्कर मिलने वाली है। इन कंपनियों के पास पहले से ही AI का बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर है। हालांकि, Zoho का दावा है कि उसकी स्पेशलाइज्ड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉस्ट, स्टैंडर्ड टोकन-आधारित AI मॉडल्स के मुकाबले काफी किफायती है, जो बड़े ग्राहकों के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट हो सकता है।
चुनौतियां और जोखिम
इस बदलाव के साथ कुछ गंभीर जोखिम भी जुड़े हैं। छोटे बिजनेस क्लाइंट्स से बड़े कॉर्पोरेट क्लाइंट्स की तरफ शिफ्ट होना आसान नहीं है। साथ ही, इन एडवांस्ड AI एजेंट्स के लिए भारी इंफ्रास्ट्रक्चर और कंप्यूटिंग पावर की जरूरत है, जिसमें काफी पूंजी निवेश करनी होगी। पहले ही कंपनी सैलरी हाइक और मार्केटिंग खर्च में कटौती जैसे सख्त कदम उठा चुकी है, इसलिए इंडस्ट्री के जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि क्या यह भारी निवेश कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डालेगा या नहीं।
