Zcash में भारी गिरावट: AI ऑडिट से खुला खौफनाक Bug, प्राइवेसी कॉइन मार्केट में हड़कंप!

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AuthorMehul Desai|Published at:
Zcash में भारी गिरावट: AI ऑडिट से खुला खौफनाक Bug, प्राइवेसी कॉइन मार्केट में हड़कंप!
Overview

Zcash (ZEC) के निवेशकों के लिए बुरी खबर है। AI की मदद से हुए एक ऑडिट में Zcash के Orchard पूल में एक बड़ी खामी का पता चला है, जिसके चलते इसकी कीमत **50%** तक गिर गई है। डेवलपर्स ने इमरजेंसी फिक्स तो कर दिया है, लेकिन इस खामी ने प्राइवेसी कॉइन की सप्लाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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AI के रडार पर Zcash का 'ऑर्चर्ड पूल'

यह मामला Zcash के "साउंडनेस" (soundness) में एक गंभीर "वल्नरेबिलिटी" (vulnerability) की खोज से शुरू हुआ, जो अब एक बड़े मार्केट क्रैश का रूप ले चुका है। सिक्योरिटी रिसर्चर टेलर हॉर्नबी ने AI मॉडल Anthropic's Opus 4.8 का इस्तेमाल करते हुए यह साबित कर दिया कि Zcash का ऑर्चर्ड सर्किट इतना लचीला था कि इससे बिना पता चले नकली ZEC बनाए जा सकते थे। यह गड़बड़ी मई 2022 में ऑर्चर्ड पूल के लॉन्च होने के बाद से ही मौजूद थी। लोकल टेस्टिंग में तो इस खामी से "अनंत" ZEC बनाए जा सकते थे। इस खबर के फैलते ही, ZEC की कीमत $624 के हाई से गिरकर $309 के निचले स्तर पर आ गई, जो कि 48 घंटे से भी कम समय में लगभग 50% की गिरावट है।

प्राइवेसी का भरोसा डगमगाया

जहां पब्लिक ब्लॉकचेन में सप्लाई में बढ़ोतरी को आसानी से वेरिफाई किया जा सकता है, वहीं Zcash की प्राइवेसी फीचर्स ही अब इसकी सबसे बड़ी कमजोरी बन गई हैं। शील्डेड लैब्स (Shielded Labs) और Zcash ओपन डेवलपमेंट लैब (ZODL) ने तुरंत एक्शन लिया। 2 जून को एक इमरजेंसी सॉफ्ट फोर्क जारी कर ऑर्चर्ड पूल को डिसेबल किया गया, और 3 जून को NU6.2 हार्ड फोर्क के जरिए सर्किट लॉजिक को ठीक किया गया। लेकिन मार्केट का डर इस बात पर है कि यह साबित करना नामुमकिन है कि पिछले 4 सालों में इस Bug का फायदा उठाया नहीं गया। इन्वेस्टर्स के लिए "शोषण का कोई सबूत नहीं" का मतलब "इंटीग्रिटी का सबूत" नहीं है, और यह अनिश्चितता किसी भी सिक्योरिटी पैच से दूर नहीं हो सकती।

गिरावट की वजहें और आगे का रास्ता

इस घटना ने प्राइवेसी कॉइन्स की वैल्यू पर गहरा असर डाला है। बड़े निवेशक आर्थर हेस (Arthur Hayes) ने तो ZEC से अपना सारा पैसा निकाल लिया है। Zcash की टीम अब एक "टर्नस्टाइल" अकाउंटिंग मैकेनिज्म पर काम कर रही है ताकि सप्लाई को वेरिफाई किया जा सके। लेकिन, इस बीच प्राइवेसी टूल्स पर बढ़ती रेगुलेटरी जांच ने इन्वेस्टर सेंटिमेंट को और खराब कर दिया है। मोनेरो (Monero) के विपरीत, जिसका आर्किटेक्चर ज्यादा सख्त है, Zcash का ट्रांसपेरेंट और शील्डेड मॉडल इसे रेगुलेटर्स के निशाने पर ला देता है। Horizen (ZEN) जैसे कॉम्पिटिटर्स की भी अब "इकोसिस्टम सर्वाइवेबिलिटी" के नजरिए से जांच हो रही है, क्योंकि Zcash की घटना एक चेतावनी है कि कॉम्प्लेक्स और ऑडिट न किए जा सकने वाले सर्किट्स में छुपे हुए Bug कितने खतरनाक हो सकते हैं।

भविष्य की राह

Zcash इकोसिस्टम अब फॉर्मल वेरिफिकेशन और नए प्राइवेसी पूल डिजाइन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। ZEC की लॉन्ग-टर्म वैल्यू इस बात पर निर्भर करेगी कि मार्केट का 21 मिलियन सप्लाई कैप पर भरोसा कितना बहाल हो पाता है। इस घटना ने मोनेरो (Monero) की तरफ भी सबका ध्यान खींचा है, और यह देखा जाएगा कि क्या AI-ड्रिवन टूल्स से मोनेरो के कोडबेस पर भी इसी तरह का दबाव आता है। फिलहाल, प्राइवेसी कॉइन की कहानी स्पेकुलेटिव ग्रोथ से निकलकर "सर्वाइवल ऑफ द फिनेस्ट" की ओर बढ़ गई है, जहां सिर्फ वही प्रोजेक्ट टिक पाएंगे जो अपनी सप्लाई इंटीग्रिटी को पारदर्शी रूप से साबित कर पाएंगे।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.