YouTube ने भारत में अपने एफिलिएट प्रोग्राम का दायरा बढ़ाते हुए Amazon, AJIO और Meesho जैसे बड़े रिटेल दिग्गजों को जोड़ा है। कंटेंट को सीधे दुकान में बदलने की इस कोशिश से क्रिएटर्स की कमाई में **160%** का उछाल देखा गया है, जो रिटेल सेक्टर के लिए बड़े बदलाव के संकेत हैं।
सोशल कॉमर्स का नया दौर
YouTube अपने एफिलिएट प्रोग्राम को भारत में आक्रामक तरीके से स्केल कर रहा है। नए पार्टनर के रूप में Amazon, AJIO, Meesho, Snapdeal और Tata CLiQ को शामिल किया गया है। पहले से ही इस नेटवर्क में Flipkart, Myntra और Nykaa जैसे दिग्गज शामिल हैं। इस कदम का मुख्य मकसद बंटी हुई मार्केटप्लेस को एक 'वीडियो-फर्स्ट' एक्सपीरियंस के जरिए एक मंच पर लाना है।
आंकड़ों की जुबानी
भारत में YouTube के पास 45 करोड़ से ज्यादा लॉग-इन यूजर्स हैं जो खरीदारी से जुड़ा कंटेंट तलाशते हैं। डेटा के मुताबिक, शॉपिंग से जुड़े वीडियो का वॉच टाइम साल-दर-साल 55% बढ़ा है। क्रिएटर्स के लिए यह कमाई का बेहतरीन जरिया बन रहा है, जहां 2025 की पहली तिमाही से 2026 की पहली तिमाही के बीच क्रिएटर्स के औसत पेआउट में 160% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। यह वैश्विक औसत 100% से काफी ज्यादा है। वर्तमान में, 1.9 करोड़ से ज्यादा वीडियो में प्रोडक्ट टैग्स का इस्तेमाल हो रहा है।
AI और नए फीचर्स
कंपनी 'Ask YouTube for Shopping' जैसे जेनरेटिव AI टूल्स पेश कर रही है, जिससे यूजर्स टीवी पर भी वॉइस के जरिए प्रोडक्ट से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे। साथ ही, अब भारतीय क्रिएटर्स के लिए 'ऑटोमेटेड ग्लोबल मोनेटाइजेशन' की सुविधा भी दी जा रही है, जिससे उनके प्रोडक्ट टैग्स दुनिया के किसी भी कोने में बैठे दर्शक की करेंसी और डील्स के अनुसार अपने आप एडजस्ट हो जाएंगे।
निवेशकों के लिए चेतावनी
हालांकि यह विस्तार रेवेन्यू के नए द्वार खोल रहा है, लेकिन निवेशकों को सोशल कॉमर्स और इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग से जुड़े रेगुलेटरी बदलावों पर नजर रखनी चाहिए। पारदर्शिता और प्रोडक्ट डिस्क्लोजर के नियमों का पालन करना अब अनिवार्य होगा। कंपनी 2027 में 'Exclusive Affiliate Campaigns' भी शुरू करने की योजना बना रही है, जिसमें क्रिएटर्स को बेहतर कमीशन स्ट्रक्चर और इंसेंटिव्स दिए जाएंगे।
