Yotta Data Services का बड़ा दांव: 96,000 GPUs के लिए अपनाया नया 'होरिजेंटल' मॉडल

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Yotta Data Services का बड़ा दांव: 96,000 GPUs के लिए अपनाया नया 'होरिजेंटल' मॉडल

Yotta Data Services ने डेटा सेंटर बनाने की अपनी रणनीति बदल दी है। कंपनी अब 2027 के मध्य तक **96,000 GPUs** का रोलआउट पूरा करने के लिए सिंगल-स्टोरी होरिजेंटल डिजाइन अपना रही है, साथ ही कंपनी **$1.5 बिलियन** के IPO की तैयारी में भी जुटी है।

कंस्ट्रक्शन में बड़ा बदलाव

मुंबई और दिल्ली जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में मल्टी-स्टोरी डेटा सेंटर बनाने के बजाय, Yotta अब 'टेक्सास-स्टाइल' यानी होरिजेंटल, सिंगल-स्टोरी आर्किटेक्चर पर फोकस कर रही है। इसमें स्टील और प्री-फैब्रिकेटेड मटेरियल का इस्तेमाल होगा, जिससे डेटा सेंटर का निर्माण सिर्फ 5 से 6 महीने में पूरा हो सके। कंपनी का लक्ष्य 2027 की दूसरी तिमाही तक अपनी GPU क्षमता को 96,000 तक पहुंचाना है।

IPO और फंडिंग की तैयारी

इस विस्तार के साथ ही कंपनी 2027 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में अपना IPO लाने की योजना बना रही है, जिसके जरिए $1.5 बिलियन जुटाने का लक्ष्य है। इससे पहले अगस्त 2026 में कंपनी ने $150 मिलियन की पूंजी जुटाई थी, जिससे कंपनी की वैल्यूएशन लगभग $3.9 बिलियन आंकी गई थी।

विस्तार का जाल

कंपनी ने नवी मुंबई में 600 एकड़ और ग्रेटर नोएडा में 20 एकड़ के अपने पार्कों में इन नए होरिजेंटल डेटा सेंटर्स को एकीकृत करना शुरू कर दिया है। नवी मुंबई साइट की क्षमता 2 गीगावाट और ग्रेटर नोएडा की क्षमता 350 मेगावाट तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

जोखिम और चुनौतियां

इतना बड़ा विस्तार आसान नहीं है। डेटा सेंटर का बिजनेस बहुत ज्यादा पूंजी मांगता है और भारी कर्ज के बीच काम करना पड़ता है। हाल ही में कंपनी की कुछ बैंक फैसिलिटीज की क्रेडिट रेटिंग में गिरावट भी देखी गई है। अब सारा दारोमदार इस पर है कि क्या कंपनी तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करते हुए AI की डिमांड को पूरा कर पाएगी और पावर सप्लाई जैसे बड़े संकट से कैसे निपटेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.