Hiranandani Group की कंपनी Yotta Data Services ने **$3.9 बिलियन** (लगभग **₹31,000 करोड़**) के वैल्यूएशन पर **$150 मिलियन** (लगभग **₹1,250 करोड़**) की फंडिंग जुटाई है। इस पैसे का इस्तेमाल AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने में किया जाएगा, जिसमें **2026-27** तक **85,000 NVIDIA GPUs** तैनात करना शामिल है। यह फंडिंग कंपनी के भविष्य के पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की तैयारी का हिस्सा है।
AI के दौर में Yotta का बड़ा दांव
डेटा सेंटर और क्लाउड कंप्यूटिंग कंपनी Yotta Data Services, जो Hiranandani Group का हिस्सा है, ने लगभग $150 मिलियन (लगभग ₹1,250 करोड़) की नई पूंजी जुटाई है। इस फंडिंग राउंड में कंपनी का वैल्यूएशन $3.9 बिलियन (लगभग ₹31,000 करोड़) आंका गया है। कंपनी के मुताबिक, जुटाई गई पूरी राशि का इस्तेमाल बिजनेस एक्सपेंशन के लिए होगा और प्रमोटरों ने अपनी कोई हिस्सेदारी नहीं बेची है।
यह निवेश ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज़ोर-शोर से काम चल रहा है। AI कंप्यूटिंग पावर की भारी मांग को पूरा करने के लिए डेटा सेंटर प्रोवाइडर्स पर अपनी क्षमताएं बढ़ाने का दबाव है। Yotta ने अगले चार महीनों में 40,000 से अधिक NVIDIA Blackwell GPUs तैनात करने का बड़ा लक्ष्य रखा है। इसके अलावा, कंपनी का इरादा 2026-27 फाइनेंशियल ईयर के अंत तक कुल 85,000 GPUs को ऑपरेशनल करने का है। अगर यह लक्ष्य हासिल होता है, तो Yotta अमेरिका और चीन के बाहर सबसे बड़े AI कंप्यूट प्लेटफॉर्म में से एक बन जाएगा।
स्ट्रैटेजिक फोकस और इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ
कंपनी खुद को सोवरेन क्लाउड सर्विसेज और AI इंफ्रास्ट्रक्चर के एक प्रमुख प्रोवाइडर के रूप में स्थापित कर रही है। पारंपरिक डेटा सेंटर सर्विसेज से आगे बढ़कर हाई-कंप्यूट AI ऑफरिंग में कदम रखते हुए, Yotta AI डेवलपर्स के लिए वैल्यू चेन में बड़ा हिस्सा हासिल करने की कोशिश कर रही है। मैनेजमेंट का कहना है कि कंपनी का मौजूदा वैल्यूएशन लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट्स और स्पष्ट एग्जीक्यूशन प्लान पर आधारित है, जिसका मकसद उन कंपनियों से अलग दिखना है जो अस्थायी मार्केट ट्रेंड्स पर निर्भर करती हैं। यह रणनीति भारत को AI इंटेलिजेंस और बड़े AI मॉडल चलाने के लिए जरूरी फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, दोनों का हब बनाने के बड़े लक्ष्य का हिस्सा है।
पब्लिक मार्केट डेब्यू की तैयारी
यह हालिया पूंजी निवेश Yotta के फाइनेंशियल रोडमैप का एक अहम कदम है, जिसमें भविष्य में इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की योजनाएं भी शामिल हैं। निवेशक अक्सर यह देखते हैं कि ऐसी प्राइवेट फंडिंग राउंड्स कंपनी का वैल्यूएशन उसके साथियों और भविष्य की कमाई की क्षमता के मुकाबले कैसा है। चूंकि Yotta एक प्राइवेट कंपनी है, इसलिए बाजार के प्रतिभागियों के लिए मुख्य रुचि इस बात में है कि कंपनी GPU की खरीद और डेटा सेंटर के निर्माण के लिए आवश्यक भारी पूंजी खर्च का प्रबंधन कैसे करती है, साथ ही अपनी वित्तीय सेहत को कैसे बनाए रखती है।
जैसे-जैसे कंपनी अपनी क्षमता का विस्तार कर रही है, निवेशक यह ट्रैक कर सकते हैं कि भारत में AI कंप्यूट की मांग इस आक्रामक इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के साथ तालमेल बिठाती है या नहीं। 85,000 GPU की तैनाती का एग्जीक्यूशन टाइमलाइन और IPO की दिशा में कंपनी की प्रगति आने वाली तिमाहियों में देखने लायक मुख्य अपडेट होंगे।
