चीनी इलेक्ट्रिक कार निर्माता Xpeng की रोबोटिक्स डिवीज़न ने एक बड़ी फंडिंग राउंड में **$900 मिलियन** (लगभग **₹7,500 करोड़** से ज़्यादा) जुटाए हैं। इस राउंड में कंपनी के इस नए वेंचर को **$6.3 बिलियन** (लगभग **₹52,000 करोड़** से ज़्यादा) का वैल्यूएशन मिला है।
AI और हार्डवेयर पर बड़ा फोकस
Xpeng, जो इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए जानी जाती है, अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स के क्षेत्र में अपनी पैठ बढ़ा रही है। कंपनी की रोबोटिक्स डिवीज़न इस फंड का इस्तेमाल अपनी टेक्नोलॉजी को तेज़ी से आगे बढ़ाने, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर बनाने, हाई-क्वालिटी डेटा तैयार करने और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित करने में करेगी।
कंपनी का सबसे बड़ा लक्ष्य अपने 'IRON' ह्यूमनॉइड रोबोट को बड़े पैमाने पर तैयार करना है, जिसके लिए 2026 के आखिर तक का टारगेट रखा गया है। अगर सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो Xpeng 2027 तक इस रोबोट की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में डिलीवरी शुरू कर सकती है।
ऑटो बिज़नेस का दबाव
हालांकि रोबोटिक्स डिवीज़न के लिए यह एक बड़ी सफलता है, लेकिन निवेशकों की नज़रें Xpeng के मुख्य ऑटोमोबाइल बिज़नेस के प्रदर्शन पर भी टिकी हैं। 2026 की दूसरी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू $2.91 बिलियन रहा, जो पिछले साल से 14.07% ज़्यादा है। लेकिन, कंपनी ने $(0.19) प्रति शेयर का एडजस्टेड लॉस भी दर्ज किया है।
यह स्थिति दिखाती है कि Xpeng एक तरफ नए टेक क्षेत्रों में ज़ोर-शोर से निवेश कर रही है, वहीं दूसरी ओर उसका मुख्य इलेक्ट्रिक व्हीकल बिज़नेस अभी भी मुनाफे के दबाव का सामना कर रहा है। CEO He Xiaopeng का मानना है कि इलेक्ट्रिक कार बनाने का अनुभव, जैसे कि सेंसर, बैटरी टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर में महारत, ह्यूमनॉइड रोबोट्स बनाने में भी काम आएगा।
भविष्य की चुनौतियां
रोबोटिक्स का यह बाज़ार बेहद कॉम्पिटिटिव है। Xpeng को न सिर्फ़ Unitree जैसी स्पेशलाइज्ड रोबोटिक्स कंपनियों से, बल्कि Tesla जैसे बड़े ऑटोमोटिव खिलाड़ियों से भी टक्कर लेनी पड़ेगी, जो AI टेक्नोलॉजी में भारी निवेश कर रहे हैं।
शेयरधारकों के लिए सबसे बड़े जोखिमों में एग्जीक्यूशन (योजना को अमल में लाना) और फाइनेंसियल डिसिप्लिन शामिल हैं। 'IRON' रोबोट को डेवलपमेंट स्टेज से मास प्रोडक्शन तक ले जाना एक महंगा और जटिल इंजीनियरिंग काम है। निवेशकों की नज़र इस बात पर रहेगी कि क्या कंपनी 2026 के अंत तक अपने प्रोडक्शन टारगेट को पूरा कर पाती है या उसे और फंड की ज़रूरत पड़ेगी, जिससे इक्विटी पर असर पड़ सकता है। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि क्या कंपनी अपने इलेक्ट्रिक कार बिज़नेस की फाइनेंसियल हेल्थ को सुधार पाती है।
