XPeng ने अपने ह्यूमनॉइड रोबोट 'IRON' के लिए ग्वांग्झू में एक **80%** ऑटोमेटेड प्रोडक्शन लाइन शुरू कर दी है। कंपनी **2026** के अंत तक इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने की तैयारी में है।
मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा बदलाव
XPeng ने अब अपने रोबोटिक्स प्रोजेक्ट को लैब से फैक्ट्री फ्लोर तक पहुँचा दिया है। 8 सितंबर 2026 को ग्वांग्झू में शुरू हुई इस नई प्रोडक्शन लाइन में 80% असेंबली प्रोसेस ऑटोमेटेड है। कंपनी की कोशिश है कि कारों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सख्त क्वालिटी कंट्रोल मानकों को अब रोबोट्स बनाने में भी लागू किया जाए।
फंडिंग और फ्यूचर टारगेट्स
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ने हाल ही में $900 मिलियन की फंडिंग जुटाई है, जिसके बाद रोबोटिक्स डिवीजन की वैल्यूएशन $6.3 बिलियन हो गई है। XPeng की योजना इस यूनिट में 82% मालिकाना हक अपने पास रखने की है। लक्ष्य है कि 2026 के अंत तक हर महीने 1,000 यूनिट्स का उत्पादन किया जाए और 2027 में कमर्शियल डिलीवरी शुरू हो जाए।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
भले ही टेक्नोलॉजी का विकास तेज दिख रहा हो, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रोटोटाइप से मास प्रोडक्शन तक का सफर रोबोटिक्स में बेहद कठिन होता है। अगर प्रोडक्शन की लागत अनुमान से ज्यादा बढ़ती है या तकनीकी दिक्कतों के कारण 2027 के रोलआउट में देरी होती है, तो यह कंपनी के शेयरों पर दबाव डाल सकता है।
सबसे बड़ी चिंता XPeng के कोर बिजनेस यानी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) को लेकर है। ऑटो सेक्टर में बढ़ते कंपटीशन और फाइनेंशियल प्रेशर के बीच रोबोटिक्स जैसे अनप्रूवन और कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर में निवेश करना कंपनी के कैश रिजर्व पर भारी पड़ सकता है। फिलहाल, इसमें कंपनी के अपने इन-हाउस Turing AI चिप्स का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन मार्केट में Tesla जैसे दिग्गजों से मिल रही टक्कर के बीच इसका मुनाफा कमाना अभी दूर की कौड़ी है।
