IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी Wipro के शेयरों में शुक्रवार को **2.01%** की गिरावट आई और यह **₹174.17** पर कारोबार करते देखे गए। कंपनी के हालिया तिमाही नतीजों के बाद यह गिरावट आई है। हालांकि, कंपनी के रेवेन्यू में **10.60%** का उछाल आया, लेकिन नेट प्रॉफिट लगभग सपाट **0.76%** ही रहा। निवेशक इस नतीजे का असर देख रहे हैं।
तिमाही नतीजे: रेवेन्यू में उछाल, मुनाफे पर दबाव
Wipro Ltd के शेयर शुक्रवार सुबह 2.01% की गिरावट के साथ ₹174.17 पर ट्रेड होते दिखे। यह गिरावट कंपनी के लेटेस्ट फाइनेंशियल परफॉरमेंस को देखते हुए आई है, जिसमें रेवेन्यू ग्रोथ तो अच्छी है, लेकिन प्रॉफिट में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है।
जून 2026 को खत्म हुई तिमाही में Wipro ने ₹24,478.60 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹22,134.60 करोड़ से करीब 10.60% ज्यादा है। लेकिन, इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट सिर्फ 0.76% बढ़कर ₹3,356.80 करोड़ रहा, जबकि जून 2025 तिमाही में यह ₹3,331.50 करोड़ था। मुनाफे में धीमी रफ्तार बताती है कि कंपनी की ऑपरेटिंग कॉस्ट या इन्वेस्टमेंट शायद रेवेन्यू ग्रोथ से ज्यादा तेजी से बढ़ रहे हैं।
सालाना प्रदर्शन और फाइनेंशियल हेल्थ
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए, Wipro का रेवेन्यू ₹92,624.00 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 3.97% ज्यादा है। नेट प्रॉफिट में भी हल्की बढ़ोतरी 0.36% की देखी गई, जो ₹13,239.80 करोड़ रहा। कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.19x है, जो बताता है कि कंपनी की फाइनेंशियल पोजीशन मजबूत है और उस पर ज्यादा कर्ज नहीं है। हालांकि, नेट प्रॉफिट मार्जिन 14.29% (मार्च 2026 में खत्म हुए साल के लिए) बताता है कि प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव है। यह IT सेक्टर में एक आम चुनौती है, जहां सैलरी और कॉम्पिटिटिव प्राइसिंग प्रॉफिट को सीमित कर सकते हैं।
शेयरधारकों को रिटर्न
कंपनी ने हाल के दिनों में शेयरधारकों को रिटर्न देने पर भी ध्यान दिया है। Wipro ने जनवरी में ₹6.00 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड (Interim Dividend) दिया था, और जुलाई 2025 में ₹5.00 का डिविडेंड भी दिया था। इसके अलावा, कंपनी ने अक्टूबर 2024 में 1:1 का बोनस इश्यू (Bonus Issue) भी पूरा किया है।
आगे क्या?
अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि Wipro अपने प्रॉफिट मार्जिन को कैसे सुधारता है। रेवेन्यू ग्रोथ तो दिख रही है, लेकिन कंपनी कितनी कुशलता से अपने खर्चों को कंट्रोल करती है और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन की एफिशिएंसी बढ़ाती है, यह देखना अहम होगा। आने वाली मैनेजमेंट कॉल्स और अपडेट्स से यह जानने में मदद मिलेगी कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट के बीच के गैप को कैसे पूरा करेगी।
