Wipro पर बड़ा झटका! Meta ने कम किया काम, ₹200 करोड़ ( $25 Million) का भारी नुकसान

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AuthorNeha Patil|Published at:
Wipro पर बड़ा झटका! Meta ने कम किया काम, ₹200 करोड़ ( $25 Million) का भारी नुकसान

भारतीय IT कंपनी Wipro को Meta Platforms से बड़ा झटका लगा है। Meta ने Wipro के साथ अपने आउटसोर्सिंग एंगेजमेंट को कम कर दिया है, जिससे Wipro को सालाना लगभग **$25 मिलियन** (लगभग ₹200 करोड़) का नुकसान होने का अनुमान है। यह कदम Meta के AI-संचालित ऑपरेशंस की ओर बढ़ने और उसके डिजिटल मार्केटिंग डिवीजन को बंद करने की रणनीति का हिस्सा है।

Meta के फैसले से Wipro को ₹200 करोड़ का झटका

IT दिग्गज Wipro को अपने एक बड़े क्लाइंट Meta Platforms Inc. से झटके पर झटके लग रहे हैं। Meta ने अपने ऑपरेशंस में बड़े बदलाव करते हुए Wipro के साथ काम कम कर दिया है। इस फैसले से Wipro को सालाना लगभग $25 मिलियन यानी करीब ₹200 करोड़ के रेवेन्यू का नुकसान होने का अनुमान है।

Meta अपने कामकाज को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर केंद्रित कर रहा है और अपने इन-हाउस डिजिटल मार्केटिंग डिवीजन को बंद कर रहा है। इसी के चलते यह कटौती की गई है। पहले Meta का अकाउंट Wipro के टॉप 20 क्लाइंट्स में शामिल था और इससे कंपनी को सालाना करीब $100 मिलियन का रेवेन्यू मिलता था। अब यह घटकर $75 मिलियन के आसपास रहने की उम्मीद है।

कर्मचारियों पर असर और आगे की चुनौतियाँ

Meta के इस फैसले से 200 से अधिक Wipro कर्मचारियों को दूसरी जगहों पर शिफ्ट करना होगा, जो पहले गुरुग्र्राम फैसिलिटी से Meta के अकाउंट पर काम कर रहे थे। यह सिर्फ Wipro की ही समस्या नहीं है, बल्कि Accenture, Concentrix और Teleperformance जैसी कई ग्लोबल IT सर्विस कंपनियों के साथ भी Meta ने अपने काम में कटौती की है।

CEO श्रीनिवास पल्लिया के नेतृत्व में Wipro के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण समय है। कंपनी ने हाल ही में 0.3% की गिरावट के साथ $10.5 बिलियन का एनुअल रेवेन्यू दर्ज किया है। इससे पहले, Wipro ने एस्टी लॉडर (Estée Lauder) का भी एक बड़ा अकाउंट खो दिया था, जिससे उसे $100 मिलियन तक के रेवेन्यू का नुकसान हुआ था। ऐसे लगातार क्लाइंट कॉन्ट्रैक्ट्स के छिन जाने से निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं कि क्या Wipro क्लाइंट्स को बनाए रख पाएगा, खासकर ऐसे समय में जब टेक कंपनियां AI के लिए इन-हाउस क्षमताओं पर जोर दे रही हैं।

इंडस्ट्री का ट्रेंड और आगे क्या?

IT सर्विस सेक्टर में तेजी से बदलाव आ रहा है। Meta का AI पर फोकस और इन-हाउस क्षमताओं को बढ़ाना इंडस्ट्री का एक बड़ा ट्रेंड है। टेक कंपनियां अपने मुख्य कामों पर कंट्रोल बनाए रखने के लिए आउटसोर्सिंग कम कर रही हैं। अब सभी की नजरें Wipro पर होंगी कि वह अपने टॉप-लाइन ग्रोथ को कैसे स्थिर करता है और क्लाइंट्स के जाने से प्रभावित कर्मचारियों को कैसे मैनेज करता है। कंपनी को नए डील्स हासिल करने और AI के दौर में अपनी प्रासंगिकता साबित करने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.