Wipro और ABB के बीच बड़ा करार, AI के दम पर डिजिटल वर्कप्लेस को मिली नई रफ्तार

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AuthorMehul Desai|Published at:
Wipro और ABB के बीच बड़ा करार, AI के दम पर डिजिटल वर्कप्लेस को मिली नई रफ्तार

IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी Wipro ने मैन्युफैक्चरिंग लीडर ABB के साथ अपने मल्टी-ईयर डिजिटल वर्कप्लेस सर्विस कॉन्ट्रैक्ट को रिन्यू किया है। यह पार्टनरशिप AI-ड्रिवेन ऑटोमेशन पर आधारित है, ऐसे समय में जब Wipro के सामने ग्लोबल डिमांड की चुनौतियां हैं और कंपनी Nifty 50 इंडेक्स से बाहर निकलने की तैयारी कर रही है।

एआई (AI) का बढ़ेगा दबदबा

यह डील साल 2022 से चल रहे कामकाज को आगे बढ़ाएगी। इस नई साझेदारी का मुख्य लक्ष्य ABB के ग्लोबल ऑपरेशंस को आधुनिक बनाना है। इसके लिए Wipro अपने खुद के WINGS प्लेटफॉर्म और SmartOps जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल करेगा। जनरेटिव AI के जरिए सेल्फ-सर्विस पोर्टल्स और वर्चुअल एजेंट्स तैयार किए जाएंगे, ताकि मैन्युअल काम कम हो और IT सर्विसेज अधिक भरोसेमंद बन सकें। साथ ही, डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल डिवाइस लाइफसाइकिल को मैनेज करने और बिजली की खपत कम करने (Sustainability) के लिए किया जाएगा।

फाइनेंशियल सेहत और बाजार का दबाव

निवेशकों के लिए यह कॉन्ट्रैक्ट एक राहत की खबर है, क्योंकि ग्लोबल मार्केट में टेक स्पेंडिंग सुस्त है। हाल ही में जून 2026 को खत्म हुई तिमाही के आंकड़ों पर नजर डालें, तो Wipro का नेट प्रॉफिट ₹3,357 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू ₹24,479 करोड़ दर्ज किया गया था।

क्या है रिस्क?

फिलहाल, Wipro के निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चर्चा का विषय कंपनी का Nifty 50 इंडेक्स से बाहर होना है। इंडेक्स को ट्रैक करने वाले फंड्स को अपने पोर्टफोलियो में बदलाव करना होगा, जिससे शेयर पर सेलिंग प्रेशर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा, पिछले कुछ समय से कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन में जो उतार-चढ़ाव दिख रहा है, उसे देखते हुए मार्केट की नजरें इस बात पर हैं कि क्या AI-लेड प्रोजेक्ट्स कंपनी की बॉटमलाइन को मजबूती दे पाएंगे या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.