AI की दुनिया में Wipro का बड़ा कदम
Wipro ने अपने क्लाइंट्स के लिए AI (Artificial Intelligence) वर्कफ़्लो को और बेहतर बनाने के लिए सर्विसNow (ServiceNow) के साथ अपनी साझेदारी को और गहरा किया है। इस नई डील के तहत, Wipro अपने खास 'Wipro Intelligence' प्लेटफॉर्म को सर्विसNow के AI प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ेगा। इसका मकसद IT, HR और साइबर सुरक्षा जैसे अहम कामों में ऑटोमेशन को बढ़ाना है, ताकि कंपनियों की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन (Digital Transformation) की रफ़्तार तेज हो सके।
क्यों आई शेयरों में तेजी?
यह पार्टनरशिप Wipro के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकती है, क्योंकि कंपनी पारंपरिक IT सेवाओं से हटकर Agentic AI मॉडल की ओर बढ़ रही है। बाजार को उम्मीद है कि इस नए मॉडल से कंपनी की एफिशिएंसी (Efficiency) बढ़ेगी, जो कि सेक्टर में दोबारा ग्रोथ के लिए बहुत जरूरी है।
वैल्यूएशन और सेक्टर की चुनौतियाँ
हालांकि, Wipro का शेयर अभी 16x के P/E (Price-to-Earnings) रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है, जो इंडस्ट्री के बड़े खिलाड़ियों जैसे TCS और Infosys की तुलना में थोड़ा कम है। IT सेक्टर में क्लाइंट्स की ओर से खर्च में कमी के कारण रेवेन्यू ग्रोथ पर दबाव बना हुआ है। Wipro के लिए यह साबित करना एक बड़ी चुनौती होगी कि AI इंटीग्रेशन सिर्फ पायलट प्रोजेक्ट्स तक ही सीमित न रहकर, कंपनी की कमाई को भी बढ़ा सके।
बायबैक का सपोर्ट
इन सबके बीच, Wipro के ₹15,000 करोड़ के शेयर बायबैक की खबर भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा रही है। 5 जून 2026 की रिकॉर्ड डेट के साथ, यह बायबैक शेयरधारकों के लिए एक बड़ा सहारा बना हुआ है। यह बायबैक कंपनी के कुल इक्विटी का 5% से ज्यादा है, जो मैनेजमेंट के कैपिटल एलोकेशन (Capital Allocation) के प्रति कमिटमेंट को दर्शाता है।
आगे की राह
एक तरफ जहां ServiceNow के साथ AI डील Wipro को आगे ले जाने का वादा करती है, वहीं दूसरी तरफ बायबैक स्टॉक को मजबूती दे रहा है। अब देखना यह होगा कि Wipro अपने AI विज़न को हकीकत में कितना बदल पाता है और क्या यह उसे सेक्टर में बाकी खिलाड़ियों के बराबर ला पाता है।
