आईटी दिग्गज Wipro ने दूसरी तिमाही के लिए रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान सपाट (-1.5% से 0.5%) रखा है, जो क्लाइंट्स की खर्च करने की क्षमता में लगातार दबाव का संकेत देता है। पहली तिमाही में कंपनी ने **₹3,352 करोड़** का मामूली मुनाफा कमाया, जो बाजार के अनुमानों से कम था।
Q1 के नतीजे:
Wipro Ltd. ने चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही (जून 2026 तक) के लिए ₹3,352 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में यह 0.6% की मामूली बढ़ोतरी है, लेकिन यह बाजार के ₹3,442 करोड़ के अनुमान से कम रहा। वहीं, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 10.6% बढ़कर ₹24,479 करोड़ रहा, जो बाजार के ₹24,776 करोड़ के अनुमान से भी कम है।
Q2 के लिए उम्मीदें:
कंपनी ने दूसरी तिमाही के लिए रेवेन्यू ग्रोथ -1.5% से 0.5% (कॉन्स्टेंट करेंसी टर्म्स में) रहने का अनुमान जताया है। यह ग्लोबल आईटी सर्विसेज सेक्टर में चल रहे दबाव को दिखाता है, जहां क्लाइंट्स टेक्नोलॉजी खर्चों को लेकर काफी सतर्क हैं और AI इंटीग्रेशन व ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
डील बुकिंग्स और एट्रिशन रेट:
पहली तिमाही में टोटल बुकिंग्स $3.4 बिलियन रही, जो पिछले क्वार्टर से 2.4% कम है। हालांकि, बड़े डील्स की बुकिंग्स 12.9% बढ़कर $1.6 बिलियन रही, जो लंबी अवधि की रेवेन्यू विजिबिलिटी के लिए महत्वपूर्ण है। कंपनी का एट्रिशन रेट 13.9% रहा, जो पिछले क्वार्टर के 13.8% के लगभग बराबर है। कर्मचारी यूटिलाइजेशन 83.6% रहा।
AI पर फोकस और भविष्य की रणनीति:
CEO श्रीनिवास पल्लिया के नेतृत्व में, कंपनी कंसल्टिंग-लेड और AI-पावर्ड सर्विस मॉडल्स की ओर बढ़ रही है। इस पर काफी निवेश किया जा रहा है। CFO अपर्णा सी. अय्यर ने कहा कि इन निवेशों से नियर-टर्म में मार्जिन में थोड़ा उतार-चढ़ाव आ सकता है। निवेशक अब यह देखेंगे कि कंपनी इन बड़े डील्स को रेवेन्यू ग्रोथ में कैसे बदल पाती है और मार्जिन को कैसे स्थिर रखती है।
