Wipro ने जून तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट मामूली **0.6%** बढ़कर **₹3,352 करोड़** रहा, लेकिन **₹24,479 करोड़** का रेवेन्यू विश्लेषकों के अनुमानों से कम रहा। वहीं, कंपनी ने **₹2** प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Dividend) भी घोषित किया है, क्योंकि निवेशक डील बुकिंग में नरमी और मार्जिन दबाव पर नजर रख रहे हैं।
मुनाफे में कितनी हुई बढ़ोतरी?
Wipro Ltd ने 30 जून, 2026 को समाप्त पहली तिमाही के लिए ₹3,352 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹3,330 करोड़ था। हालांकि मुनाफे में मामूली वृद्धि दर्ज की गई, लेकिन कंपनी के रेवेन्यू ग्रोथ को चुनौतियों का सामना करना पड़ा और यह ₹24,479 करोड़ पर रहा। यह प्रदर्शन ₹24,776 करोड़ के कंसेंसस अनुमान से कम था, जो दर्शाता है कि वैश्विक स्तर पर मंदी के माहौल में IT सर्विसेज की मांग अभी भी सीमित बनी हुई है।
मार्जिन और डील की रफ्तार पर असर
कंपनी ने IT सर्विसेज ऑपरेटिंग मार्जिन 16% दर्ज किया, जो पिछली तिमाही की तुलना में 130 बेसिस पॉइंट और पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 120 बेसिस पॉइंट की गिरावट को दर्शाता है। यह गिरावट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों में उच्च निवेश के साथ प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण को संतुलित करने की चुनौती को दर्शाती है। कुल डील बुकिंग $3.37 बिलियन तक पहुंच गई, लेकिन यह आंकड़ा कॉन्सटेंट करेंसी में पिछली तिमाही की तुलना में 2.4% की गिरावट को दर्शाता है। हालांकि, बड़े डील में एक सकारात्मक बदलाव देखा गया, जो पिछली तिमाही की तुलना में 12.9% बढ़कर $1.63 बिलियन हो गया, जिससे पता चलता है कि कंपनी छोटे डील में मंदी के बावजूद अभी भी उच्च-मूल्य वाले अनुबंध सुरक्षित कर रही है।
वित्तीय स्थिति और भविष्य का अनुमान
Wipro के मैनेजमेंट ने दूसरी तिमाही के लिए सावधानी भरा अनुमान लगाया है, जिसमें IT सर्विसेज रेवेन्यू $2.57 बिलियन और $2.63 बिलियन के बीच रहने की उम्मीद है। यह अनुमान पिछली तिमाही की तुलना में कॉन्सटेंट करेंसी में 1.5% की गिरावट से 0.5% की वृद्धि की सीमा को दर्शाता है। कंपनी AI-संचालित ऑपरेटिंग मॉडल की ओर अपनी रणनीति बदल रही है, जिसका उद्देश्य ग्राहकों के लिए उत्पादकता बढ़ाना है। चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर अपर्णा अय्यर ने कहा कि फर्म रणनीतिक खर्चों के प्रति प्रतिबद्ध है, भले ही ये निवेश अस्थायी रूप से लाभ मार्जिन को प्रभावित करते हों।
निवेशकों का नजरिया
निवेशकों के लिए, मुख्य बात यह देखना है कि क्या बड़े डील में वृद्धि मार्जिन पर दबाव और समग्र राजस्व वृद्धि की धीमी गति की भरपाई कर पाएगी। भारतीय IT सेक्टर में अपने साथियों की तुलना में, Wipro के मार्जिन प्रदर्शन और राजस्व प्रक्षेपवक्र का मूल्यांकन उत्तरी अमेरिका और यूरोपीय बाजारों में सतर्क ग्राहक खर्चों के व्यापक रुझान के मुकाबले किया जाता है। बोर्ड द्वारा ₹2 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दिए जाने के साथ, कंपनी एक जटिल परिचालन वातावरण में नेविगेट करते हुए शेयरधारक रिटर्न पर अपना ध्यान केंद्रित करना जारी रखे हुए है। भविष्य में कंपनी कितनी सफलतापूर्वक AI-संचालित समाधानों को अपने मौजूदा सेवा पोर्टफोलियो में एकीकृत करती है, यह इसकी दीर्घकालिक मार्जिन स्थिरता और विकास सुधार का आकलन करने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
