IT दिग्गज Wipro ने Google Cloud के साथ साझेदारी बढ़ाई है। कंपनी Gemini Enterprise का इस्तेमाल करके AI वर्कफ़्लो तैयार करेगी और **10,000** कर्मचारियों को ट्रेनिंग देगी। हालांकि, **30 सितंबर, 2026** को Nifty 50 इंडेक्स से बाहर होने की खबर निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
AI की दुनिया में Wipro की बड़ी छलांग
Wipro अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मोर्चे पर आक्रामक हो गई है। कंपनी ने Google Cloud के साथ अपनी पार्टनरशिप को विस्तार देते हुए Gemini Enterprise को अपने इंटरनल ऑपरेशन्स जैसे सेल्स, HR और कंप्लायंस में शामिल करने का फैसला किया है। इसके लिए कंपनी ने 'LIFT' (Launch, Ignite, Flywheel, and Transform) फ्रेमवर्क लॉन्च किया है, ताकि AI के जरिए जटिल बिजनेस प्रोसेसेज को बिना मानवीय हस्तक्षेप के पूरा किया जा सके।
10,000 कर्मचारियों को मिलेगी ट्रेनिंग
इस टेक्नोलॉजी बदलाव को सफल बनाने के लिए Wipro ने 10,000 कर्मचारियों को विशेष AI स्किल्स में ट्रेन करने का लक्ष्य रखा है। इसमें 1,500 'फॉरवर्ड डिप्लॉयड इंजीनियर्स' की एक खास टीम तैयार की जाएगी, जिनका काम AI को केवल कागजों से निकालकर रियल-वर्ल्ड प्रोडक्शन सिस्टम्स में बदलना होगा। कंपनी इस प्रोसेस को 'क्लाइंट जीरो' रणनीति के तहत खुद पर पहले टेस्ट कर रही है।
Nifty 50 से एग्जिट का असर
भले ही कंपनी तकनीक पर बड़ा दांव लगा रही है, लेकिन निवेशकों की नजर 30 सितंबर, 2026 की उस तारीख पर है, जब Wipro को Nifty 50 इंडेक्स से बाहर कर दिया जाएगा। चूंकि बहुत से इंडेक्स फंड्स और ETFs Nifty 50 को ट्रैक करते हैं, इसलिए इंडेक्स से हटने पर इन फंड्स को अपने शेयर बेचने होंगे। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे स्टॉक पर भारी दबाव (Passive Outflows) देखने को मिल सकता है, जिसे ट्रेडर पहले ही अपनी पोजीशन में एडजस्ट कर रहे हैं।
मार्जिन और प्रॉफिट पर नजर
AI इंफ्रास्ट्रक्चर में किया जा रहा यह भारी निवेश शॉर्ट टर्म में कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर असर डाल सकता है। कंपनी की भविष्य की ग्रोथ इस बात पर निर्भर करेगी कि ये AI टूल्स कितनी तेजी से रेवेन्यू देने वाले क्लाइंट कॉन्ट्रैक्ट्स में बदलते हैं। आने वाले समय में निवेशकों के लिए यह देखना सबसे महत्वपूर्ण होगा कि क्लाइंट्स इस AI तकनीक को कितनी जल्दी अपनाते हैं और इंडेक्स रीबैलेंसिंग के दौरान स्टॉक इस दबाव को कैसे झेलता है।
