Wipro ने अपनी 80वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में AI को सिर्फ प्रयोग से आगे ले जाकर, अपने मुख्य बिज़नेस में उतारने की रणनीति का खुलासा किया है। हालांकि, कंपनी के IT सर्विसेज रेवेन्यू में **1.6%** की गिरावट आई, लेकिन नए ऑर्डर्स यानी बुकिंग **14%** बढ़कर **$16.4 बिलियन** हो गई।
AI पर Wipro का नया प्लान
Wipro ने बुधवार को अपनी 80वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में बताया कि अब कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को केवल प्रयोग के तौर पर नहीं, बल्कि अपने क्लाइंट्स के बिज़नेस के मुख्य हिस्सों में इंटीग्रेट (integrate) करने पर ज़ोर दे रही है। चेयरमैन Rishad Premji और CEO Srini Pallia ने कहा कि वे AI प्रोजेक्ट्स के शुरुआती दौर से आगे बढ़ चुके हैं और अब AI टेक्नोलॉजी को सीधे बड़े एंटरप्राइज क्लाइंट्स की कोर प्रक्रियाओं में डालने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
मिले-जुले वित्तीय नतीजे
कंपनी के फाइनेंशियल रिजल्ट्स मिले-जुले रहे। FY26 में IT सर्विसेज रेवेन्यू 1.6% घटकर $10.5 बिलियन रहा। लेकिन, नए बिज़नेस में कंपनी को ज़बरदस्त उछाल दिखा। कुल बुकिंग 14% बढ़कर $16.4 बिलियन तक पहुंच गई। इसमें बड़े डील्स की बुकिंग $7.8 बिलियन रही, जिसमें $500 मिलियन से बड़े चार डील्स भी शामिल थे। चुनौतीपूर्ण डिमांड के बावजूद, कंपनी ने 17.2% का ऑपरेटिंग मार्जिन बनाए रखा।
AI में बड़ा निवेश
इस बदलाव के लिए Wipro AI-फोकस्ड इंफ्रास्ट्रक्चर और टैलेंट पर ज़्यादा रिसोर्स लगा रहा है। कंपनी ने एक 'AI Native Business and Platforms Unit' लॉन्च की है और Wipro Ventures के ज़रिए AI, डेटा और सिक्योरिटी स्टार्टअप्स में $500 मिलियन का निवेश जारी रखे हुए है। हाल ही में, उन्होंने क्लाइंट्स के लिए खास AI एजेंट्स बनाने के लिए डोमेन-स्पेसिफिक स्मॉल लैंग्वेज मॉडल्स (small language models) भी डेवलप किए हैं। 'Wipro Intelligence' के तहत ये पहल, कंपनी की कंसल्टिंग-लेड अप्रोच को स्टैंडर्ड IT सर्विस ऑफरिंग से अलग बनाती है।
इंडस्ट्री का माहौल और जोखिम
भारतीय IT सेक्टर फिलहाल क्लाइंट्स की ओर से खर्च में सावधानी और बदलते डिजिटल ज़रूरतों के बीच काम कर रहा है। Wipro AI को भविष्य की ग्रोथ का ज़ररिया मान रहा है, लेकिन निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी अपनी रिकॉर्ड बुकिंग को असल रेवेन्यू ग्रोथ में कैसे बदलती है। ऐतिहासिक रूप से, Wipro को Tata Consultancy Services और Infosys जैसे बड़े प्लेयर्स की तुलना में रेवेन्यू ग्रोथ बनाए रखने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। मैनेजमेंट का कंसल्टिंग-लेड, AI-पावर्ड प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता देने का प्लान इसी गैप को भरने की कोशिश है, लेकिन इसकी सफलता क्लाइंट्स की तेज़ी से अपनाए जाने की क्षमता और भारी निवेश से जुड़े खर्चों को मैनेज करने पर निर्भर करेगी।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
शेयरहोल्डर्स के लिए सबसे बड़ा फैक्टर यह देखना होगा कि आने वाली तिमाहियों में ये बड़ी बुकिंग्स टॉप-लाइन ग्रोथ में कैसे बदलती हैं। निवेशक मैनेजमेंट से 'WINGS' और 'WEGA' डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर पड़ने वाले असर पर भी कमेंट्री पर नज़र रख सकते हैं। $500 मिलियन के वेंचर फंड से मिलने वाले ठोस रिटर्न की टाइमलाइन और Anthropic के क्लाउड मॉडल्स के इंटीग्रेशन पर कोई भी अपडेट, AI-लेड ट्रांसफॉर्मेशन स्ट्रेटेजी में कंपनी की प्रगति के अहम संकेत होंगे।
