बायबैक के लिए आज ही है आखिरी तारीख
अगर आप Wipro के ₹15,000 करोड़ के शेयर बायबैक ऑफर का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आज, 4 जून 2026 का दिन आपके लिए बहुत अहम है। भारत के T+1 सेटलमेंट सिस्टम के कारण, आज ट्रेडिंग के अंत तक शेयर खरीदने पर ही आप 5 जून की रिकॉर्ड डेट के लिए योग्य हो पाएंगे। Wipro के इतिहास का यह सबसे बड़ा कॉर्पोरेट एक्शन है, जिसके तहत कंपनी 60 करोड़ शेयर वापस खरीदेगी, जो उसके पेड-अप इक्विटी कैपिटल का 5.72% है। ऑफर प्राइस ₹250 है, जो मौजूदा ₹203 के ट्रेडिंग रेंज से ज्यादा है, लेकिन बाजार की प्रतिक्रिया अभी भी धीमी है। यह कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ को लेकर गहरी चिंताओं को दर्शाता है।
वैल्यूएशन और सेक्टर की हकीकत
Wipro फिलहाल लगभग 16.2x के P/E रेशियो पर ट्रेड कर रहा है, जो IT सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री के औसत 38x से काफी कम है। जहां कुछ निवेशक इसे डिस्काउंट मान सकते हैं, वहीं बाजार की झिझक का मुख्य कारण सेक्टर में आया बड़ा बदलाव है। जेनरेटिव AI का पारंपरिक IT सर्विसेज पर बढ़ता असर, इस सेक्टर की बड़ी कहानी बन गया है। इस हफ्ते की छोटी सी तेजी के बावजूद, Nifty IT इंडेक्स इस साल अब तक 20% से ज्यादा गिर चुका है। इसकी वजह ये डर है कि ऑटोमेशन कहीं उन सर्विस लाइनों को खत्म न कर दे, जिन्होंने कभी इस सेक्टर को डबल-डिजिट ग्रोथ दिलाई थी।
क्यों है मंदी का डर?
बड़े निवेशकों (Institutional investors) का Wipro पर भरोसा कम है, जो इसके साथी TCS और HCL Technologies जैसे नामों के मुकाबले इसके प्रदर्शन से जाहिर होता है। पिछले पांच सालों में Wipro काफी पीछे रहा है, और इसका शेयर प्राइस Nifty 50 इंडेक्स की बढ़त के मुकाबले कमजोर रहा है। इसी अवधि में कंपनी की सेल्स ग्रोथ भी लगभग 8.38% पर धीमी बनी हुई है। साथ ही, वर्किंग कैपिटल एफिशिएंसी (वर्किंग कैपिटल डेज में मापी गई) बिगड़ गई है, जो 34.6 दिनों से बढ़कर 125 दिन हो गई है। इसके अलावा, निवेशकों का ध्यान खींचने के लिए शेयर बायबैक पर निर्भरता, हाई-ग्रोथ वाले ऑर्गेनिक इन्वेस्टमेंट के अवसरों की कमी की ओर इशारा करती है। बायबैक शायद थोड़े समय के लिए शेयर को सहारा दे, लेकिन यह मुख्य समस्या को हल नहीं करता: यानी, ज्यादा फुर्तीली कंपनियों से मार्केट शेयर वापस पाने की किसी बड़ी रणनीति का अभाव।
आगे का रास्ता और मैनेजमेंट की कोशिशें
Wipro का मैनेजमेंट 12 जून 2026 तक चलने वाले निवेशक रोडशो और सम्मेलनों के लिए सिंगापुर, मुंबई और लंदन की यात्रा कर रहा है। ये मीटिंग्स उन बड़े निवेशकों के लिए अहम होंगी जो कंपनी की एंटरप्राइज AI को अपनाने की गति और तिमाही गाइडेंस पर स्पष्टता चाहते हैं। हालांकि एनालिस्ट्स बंटे हुए हैं और आम राय 'होल्ड' की है, बायबैक के बाद का समय ही असली परीक्षा होगी। अगर रेवेन्यू ग्रोथ या मार्जिन में कोई ठोस सुधार नहीं दिखता है, तो शेयर तकनीकी सपोर्ट लेवल से बंधा रहेगा, और बाजार प्रतिभागी किसी भी ऑपरेशनल रीस्ट्रक्चरिंग के संकेतों पर बारीकी से नजर रखेंगे।
