Walmart अपनी एंटरप्राइज AI रणनीति को बदल रही है। कंपनी अब बिना सोचे-समझे प्रयोग करने के बजाय 'मॉडल ऑर्केस्ट्रेशन' के जरिए खर्चों पर लगाम लगाने और बेहतर रिटर्न (ROI) पाने पर फोकस कर रही है।
Walmart अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मामले में प्रयोगों के दौर से निकलकर सख्त फाइनेंशियल अनुशासन की ओर बढ़ रही है। दुनिया भर में रोजाना 850 मिलियन डेटा पॉइंट्स प्रोसेस करने वाली यह कंपनी अब समझ चुकी है कि महंगे फ्रंटियर लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स का अंधाधुंध इस्तेमाल ऑपरेटिंग खर्च को तेजी से बढ़ा सकता है। अपनी प्रॉफिट मार्जिन को सुरक्षित रखने के लिए कंपनी अब 'मॉडल ऑर्केस्ट्रेशन' अपना रही है।
क्या है मॉडल ऑर्केस्ट्रेशन?
इसका सीधा मतलब है- हर काम के लिए सबसे किफायती और सटीक टूल का चुनाव करना। एक ही महंगे मॉडल पर निर्भर रहने के बजाय, Walmart अब ओपन-वेट मॉडल्स, फ्रंटियर मॉडल्स और कस्टम स्मॉल लैंग्वेज मॉडल्स का मिश्रण इस्तेमाल कर रही है। इससे डेटा डिटेक्शन और प्रोडक्ट लिस्टिंग ऑप्टिमाइजेशन जैसे कामों की लागत को कम करने में मदद मिलेगी।
निवेशकों के लिए अहम आंकड़े
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा संकेत कंपनी का Sparky AI प्लेटफॉर्म है, जिसके इस्तेमाल में 70% की जोरदार बढ़ोतरी देखी गई है। इसका सीधा असर बिजनेस पर पड़ा है और प्रति ऑर्डर खर्च में 40% का उछाल आया है। मैनेजमेंट ने अब सख्त बजट गाइडलाइंस लागू कर दी हैं, जिससे प्रोजेक्ट लीड्स अपने द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले संसाधनों के लिए खुद जवाबदेह होंगे।
जोखिम और चुनौतियां
हालांकि, यह बदलाव मुनाफे के लिए अच्छा है, लेकिन इसमें कुछ चुनौतियां भी हैं। अलग-अलग AI सिस्टम को एक साथ इंटीग्रेट करना काफी जटिल है, जिससे तकनीकी खामियां आने का रिस्क बना रहता है। साथ ही, कंपनी को किसी एक वेंडर पर पूरी तरह निर्भर न रहने (Vendor Lock-in) की चुनौती से भी निपटना होगा, ताकि भविष्य में उसकी बारगेनिंग पावर कम न हो।
आने वाले समय में बाजार इस बात पर नजर रखेगा कि क्या यह तकनीक कंपनी की ऑपरेटिंग मार्जिन को और मजबूती दे पाती है या नहीं।
